उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने जा रहा है. इसको लेकर गुजरात के वड़ोदरा से 108 फीट लंबी अगरबत्ती अयोध्या भेजी जाएगी. यह अगरबत्ती बनकर तैयार है. इसे पंचगव्य और हवन सामग्री व गाय के गोबर से बनाया गया है. इसका वजन 3500 किलोग्राम है.
इस अगरबत्ती की लागत पांच लाख से ऊपर है. इसे तैयार करने में छह महीने का समय लगा है. वड़ोदरा से अयोध्या के लिए इस अगरबत्ती को 110 फीट लंबे रथ में भेजा जाएगा. इस संबंध में विहा भरवाड़ ने बताया कि एक बार इसे जलाने पर ये डेढ़ महीने तक लगातार जलती रह सकती है.
22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान श्रीराम के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इसको लेकर राम नगरी में तैयारी जोर-शोर से चल रही है. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान की चरण पादुकाएं भी वहां पर रखी जाएंगी. फिलहाल, ये पादुकाएं देशभर में घुमाई जा रही हैं. पादुकाएं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगी.
हैदराबाद के श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने तैयार की हैं भगवान की चरण पादुकाएं
भगवान की चरण पादुकाओं को हैदराबाद के श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने बनाया है. 17 दिसंबर को इन्हें रामेश्वर धाम से अहमदाबाद लाया गया. इन्हें एसजी हाइवे स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए रखा गया था, वहां से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग धाम, द्वारकाधीश नगरी और इसके बाद बद्रीनाथ जैसे धामों में ले जाई जाएंगी.
श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने इन श्रीराम पादुकाओं के साथ अयोध्या की 41 दिनों की परिक्रमा की थी. उसके बाद इन पादुकाओं को रामेश्वरम से बद्रीनाथ तक सभी प्रसिद्ध मंदिरों में ले जाया जा रहा है और विशेष पूजा की जा रही है.
अयोध्या में चप्पे चप्पे पर रहेगी सुरक्षाकर्मियों की नजर
वहीं रामनगरी में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले अयोध्या का चप्पा-चप्पा सुरक्षा के घेरे में लाया जा रहा है. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर योगी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका तैयार किया है.
प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसके चलते सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, पीएसी और सिविल पुलिस चप्पे-चप्पे पर मौजूद रहेगी. तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. एआई बेस्ड सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी. अयोध्या में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर बैन रहेगा.