अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का कितना निर्माण पूरा हो गया है? इस बात की जानकारी उन तस्वीरों से मिल रही है, जो अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी की हैं. इसमें मंदिर का पूरा आकार दिखायी दे रहा है. काफी ऊंचाई से ली गई इन तस्वीरों में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि मंदिर की बाहरी दीवारें बन चुकी हैं और भूतल का पूरा आकार नजर आ रहा है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तस्वीरों को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा है,'रामभक्तों द्वारा शताब्दियों तक किए गए अनवरत संघर्ष की परिणति के रूप में भगवान श्री रामलला का दिव्य मंदिर अब आकार लेता दिख रहा है, जय श्री राम!.' तस्वीरों के साथ एक विडियो भी जारी किया गया है. विडियो में ग्राउंड फ्लोर का निर्माण कार्य अंदर से दिखाया गया है.
चल रहा है ग्राउंड फ्लोर का काम
राम मंदिर ट्रस्ट समय-समय पर तस्वीरें जारी कर मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारी लोगों को देता रहता है. इसके पीछे ट्रस्ट की यह भावना है कि असंख्य लोगों के आराध्य रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण लोग देख सकें. भूतल पर स्तम्भ और दीवारों से बने मंदिर के आकार को ऊपर से देखा जा सकता है. अब ग्राउंड फ्लोर की छत बनाई जा रही है. मंदिर स्थल पर निर्माण एजेंसी के लोग काम करते हुए देखे जा सकते हैं. भूतल (ग्राउंड फ्लोर) के स्तम्भों पर बीम (beam) डालने का काम चल रहा है.
पहले भी जारी की जा चुकी हैं तस्वीरें
इससे पहले 6 अप्रैल को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तस्वीरें जारी की थीं. उन तस्वीरों में प्रवेश द्वार का पूरा आकार दिखाया गया था. इसमें ग्राउंड फ्लोर के स्तंभों को दिखाया गया था. साथ ही ये भी बताया गया था कि बीम डालने का काम शुरू हो चुका है.
कब पूरा होगा मंदिर का निर्माण?
बताया जा रहा है कि दिसंबर 2023 तक भगवान राम का गर्भगृह बन कर तैयार होगा और जनवरी 2024 यानी मकर संक्रांति के बाद गर्भगृह को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा. हालांकि, मंदिर के दूसरे तल पर निर्माण काम जारी रहेगा. यहां पर राम दरबार के अलावा माता अन्नपूर्णा, भगवान शंकर, बजरंगबली समेत कई मंदिर बनाए जाएंगे.
2024 में होगी प्राण प्रतिष्ठा
श्रीराम मंदिर का 50 फीसदी से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. गर्भ गृह की दीवारें पूरी हो चुकी हैं. चंपत राय के मुताबिक अक्टूबर 2023 तक राम मंदिर का पहला फेज पूरा हो जाएगा. एक से 14 जनवरी 2024 के बीच कभी भी प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है. उनका कहना है कि रामलला की मूर्ति 51 इंच की होगी, जो गर्भगृह में बने चबूतरे पर स्थापित होगी.