समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान और उनके करीबियों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है. ताजा मामले में जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट और रामपुर पब्लिक स्कूल को नियमों के खिलाफ जाकर ब्याज का भुगतान करने के मामले में दो लोगों पर गाज गिरी है. इसमें जिला सहकारी बैंक सचिव और उप महाप्रबंधक को जांच के बाद शासन ने दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है. दोनों अफसरों को लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया गया है.
दरअसल, जिला सहकारी बैंक में जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट और दो बैंक खाता रामपुर पब्लिक स्कूल के नाम से हैं. इसमें ब्याज के भुगतान का 26 लाख रुपया उन खातों में ट्रांसफर किया गया जो आरबीआई की गाइडलाइन के नियम विरुद्ध हैं.
उपेंद्र सारस्वत और शकील अहमद पर कार्रवाई
बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने इसकी शिकायत की थी. इसका शासन ने संज्ञान लिया और उप महाप्रबंधक उपेंद्र कुमार सारस्वत और सचिव शकील अहमद पर कार्रवाई की. आरबीआई की गाइडलाइन है कि कोई भी ट्रस्ट या स्कूल को किसी भी तरह का ब्याज नहीं दिया जा सकता.
बीजेपी विधायक ने मुख्यमंत्री से की थी शिकायत
इसके बावजूद इन दो अधिकारियों ने सांठ-गांठ कर 26 लाख रुपये का भुगतान कर दिया. इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता भारतीय जनता पार्टी के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी.
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इसमें कहा था कि रामपुर जिला सहकारी बैंक में जौहर ट्रस्ट और रामपुर पब्लिक स्कूल का बैंक अकाउंट है. यहां के अधिकारियों ने ट्रस्ट को आरबीआई के नियम के खिलाफ जाकर 26 लाख रुपये का ब्याज ट्रांसफर कर दिया. 'मुझे जानकारी दी गई है कि अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए ब्याज का पैसा वापस ले लिया गया है'.