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UP: आजम खान ने साधी चुप्पी, कोर्ट के बाहर मुंह पर उंगली रख कर हिलाया सिर

मुरादाबाद में एक केस में पेशी के लिए कोर्ट पहुंचे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने मीडियाकर्मियों के सवाल पर चुप्पी साध ली. उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और ऐसे इशारा किया कि वो ना तो बोल पाते हैं और ना ही सुन पाते हैं.

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आजम खान ने कोर्ट में साध ली चुप्पी
आजम खान ने कोर्ट में साध ली चुप्पी

यूपी के मुरादाबाद में पेशी के दौरान मीडियाकर्मियों के सवाल पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान जवाब देने की जगह गूंगे और बहरे होने का इशारे करने लगे. मुंह बंद कर होठों पर ऊंगली रख कर सवाल से बचते हुए उन्होंने कहा- मेरी गाड़ी कहां है और आजम खान वहां से रवाना हो गए.

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दरअसल आजम खान मुरादाबाद के एमपी /एमएलए एसीजेएम  कोर्ट मे पेशी के लिए आए थे. 2008 के छजलेट प्रकरण में कोर्ट से लगातार गैरहाजिर होने के कारण 2020 मे कोर्ट की तरफ से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था जिसमें आजम खान आज कोर्ट पहुंचे थे. अब इस मामले में उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 20 फरवरी की तारीख दी गई है.

बता दें कि 2008 के इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ फैसला आना बाकी है. कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के मामले में अब सुनवाई 20 फरवरी को होगी. यह केस 2020 में दर्ज हुआ था.

बीते दिनों आजम खान को यूपी सरकार ने भी बड़ा झटका दिया था. लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में रामपुर के जौहर शोध संस्थान को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया था.

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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण और शोध संस्थान को सरकार ने वापस ले लिया था.

अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए जब आजम खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे तब 100 रुपये के सालाना लीज पर 100 वर्षों के लिए यह सरकारी शोध संस्थान मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को दिया गया था. दरअसल मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट यह संस्थान चला रहा था और समाजवादी पार्टी नेता आजम खान इस ट्रस्ट के आजीवन अध्यक्ष थे.
 

 

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