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यूपी के आजमगढ़ में हैरान करने वाला केस सामने आया, जहां एक हिस्ट्रीशीटर 34 साल से पुलिस महकमे में होमगार्ड की नौकरी कर रहा था. उसपर हत्या, लूट, डकैती जैसे मामले दर्ज थे. उसने अपना नाम नकदू से बदलकर नंदलाल रख लिया था. फिलहाल, एसपी आजमगढ़ ने प्रकरण का खुलासा करते हुए उसे जेल भेज दिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
घटना आजमगढ़ के थाना रानी की सराय क्षेत्र की है. यहां नकदू उर्फ नंदलाल अपना नाम बदलकर पुलिस की आंखों में 34 सालों से धूल झोंक कर होमगार्ड की नौकरी कर रहा था. गांव के एक झगड़े में हुई गिरफ्तारी के बाद उसकी करतूत सामने आई. हिस्ट्रीशीट खोलने पर पता चला कि नकदू पर 1984 में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था. वहीं, 1988 में उसपर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
नकदू के ऊपर लूट हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. मूल रूप से कक्षा चार तक की पढ़ाई करने वाले नकदू उर्फ नंदलाल ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर होमगार्ड की नौकरी हासिल कर ली थी. वह 1990 से लेकर अब तक विभाग में नौकरी करता आ रहा था.
हैरानी की बात यह है कि 1992 में गैंगस्टर के इस अपराधी ने आजमगढ़ एसपी ऑफिस से अपना चरित्र प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिया था. लेकिन अब जांच में रानी की सराय थाना अंतर्गत चकवारा गांव निवासी नकदू के सारे प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए.
इस पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गोपनीय शिकायत के आधार पर ये जांच की गई थी. फिलहाल, नंदलाल को निलंबित कर दिया गया है. बीएनएस की धारा 319 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है. अब उसकी बर्खास्तगी के लिए होमगार्ड डिपार्टमेंट को लेटर लिखा गया है.
इस पूरे प्रकरण में यदि पुलिस विभाग की या होमगार्ड विभाग की लापरवाही मिलेगी तो उसके खिलाफ भी जांच की जाएगी. जांच आख्या के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी.