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बदायूं: झाड़-फूंक कराने आई महिलाओं से मौलवी ने किया रेप, अश्लील वीडियो भी बनाए, पुलिस ने कसा शिकंजा

Badaun News: पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा कि मौलवी झाड़-फूंक के नाम पर यौन शोषण करता है. उसने कई महिलाओं के अश्लील वीडियो भी बना लिए हैं, जिसके दम पर धमकी देकर जबरदस्ती करता है.

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बदायूं के मौलवी पर रेप का आरोप (सांकेतिक फोटो)
बदायूं के मौलवी पर रेप का आरोप (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक मौलवी पर कई महिलाओं से रेप का आरोप लगा है. आरोपी मौलवी इलाके की प्रसिद्ध दरगाह पर चुनरी, चादर व प्रसाद बेचने का बेचने का काम करता है. पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा कि मौलवी झाड़-फूंक के नाम पर यौन शोषण करता है. उसने कई महिलाओं के अश्लील वीडियो भी बना लिए हैं, जिसके दम पर धमकी देकर जबरदस्ती करता है. फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज जांच शुरू कर दी है. 

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एक पीड़ित ने बताया कि शिकायत करने वाली महिलाएं कोतवाली सदर एरिया के बदायूं-दिल्ली मार्ग पर स्थित बड़े सरकार दरगाह में रूहानी इलाज करवाने के लिए आई थीं. उसी दौरान मौलवी ने उन्हें अपने शिकंजे में फंसा लिया और उनका रेप करता रहा. मौलवी ने इस दौरान उनके प्राइवेट वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए. 

मामले में बदायूं के डिप्टी एसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि बिजनौर की रहने वाली महिलाओं ने एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वे लगभग एक साल से इलाज के लिए यहां रह रही थीं. इस दौरान प्रसाद, चुनरी, चादर की दुकान लगाने वाले राहत नाम के मौलवी ने उनके साथ रेप किया और अश्लील वीडियो भी बना लिया. 

महिलाओं का कहना है कि यहां आए-दिन इलाज/झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं का रेप किया जाता है. शिकायत इसलिए की है कि दोषी पर एक्शन हो साथ ही अन्य महिलाओं की जिंदगी तबाह होने से बच जाए. 

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डिप्टी सिटी एसपी ने आगे बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है. विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. 

गौरतलब है कि इस फेमस दरगाह में कई दशकों से मानसिक रोगियों का 'रूहानी' इलाज होता है. आस्था के साथ-साथ जब यह अंधविश्वास का केंद्र बन गई तो सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में कथित रूहानी इलाज पर रोक लगा दी और मरीजों को जंजीरों में बांधे रखने को मानवता के खिलाफ बताया. उस समय 22 लोगो को जंजीरों से बंधे हुए पाया गया था, जिनको बाद में आजाद कराया गया. 

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