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आदित्य यादव या दुर्विजय शाक्य? बदायूं में किसकी होगी जीत, फिर लगी 2.30 लाख की शर्त

बदायूं लोकसभा सीट पर हार-जीत को लेकर प्रत्याशियों में एक बार फिर शर्त लग गई है. शर्त का ब्यौरा बाकायदा स्टाम्प पेपर पर छापा गया है और शर्त की रकम तीसरे दोस्त पर रख दी गई है ताकि नतीजों के बाद कोई भी अपनी शर्त से पलट न सके.

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बदायूं सीट पर हार-जीत को लेकर लगी शर्त
बदायूं सीट पर हार-जीत को लेकर लगी शर्त

उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट पर सपा और बीजेपी की जीत को लेकर एक बार फिर लाखों रुपये की शर्त लगी है. इस बार संभल जिले के गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले दो दोस्तों ने दो लाख 30 हजार रुपये की शर्त लगाई है. दोनों दोस्तों ने शर्त लगाते हुए 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शर्त का ब्यौरा लिखकर एग्रीमेंट किया है और नियम रखा गया है कि अगर कोई प्रत्याशी पांच हजार से कम वोटों से जीतेगा तो ये शर्त निरस्त मानी जाएगी. 

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बदायूं लोकसभा सीट पर तीसरे चरण यानी सात मई को वोटिंग हो चुकी है और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद है. लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे, लेकिन नतीजे आने से पहले सपा और बीजेपी प्रत्याशियों की हार-जीत को लेकर समर्थकों के बीच लाखों की शर्त लगने लगी है. बदायूं लोकसभा क्षेत्र में आने वाली संभल के गुन्नौर विधानसभा इलाके में रजपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले दो दोस्तों विजेंद्र सिंह और नीरेश यादव के बीच दो लाख 30 हजार रुपये की शर्त लगी है.  

फाइल फोटो

शर्त की रकम तीसरे दोस्त के पास 

जहां विजेंद्र सिंह की ओर से बीजेपी प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य की जीत होने का दावा किया गया है, जबकि नीरेश यादव की ओर सपा प्रत्याशी आदित्य यादव की जीत का दावा करते हुए शर्त लगाई गई है. फिलहाल दोनों दोस्तों की ओर से शर्त लगाते हुए रकम तीसरे शख्स पर जमा कर दी गई है. इस शर्त का पूरा ब्यौरा 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखकर एग्रीमेंट किया गया है, जिससे चुनावी नतीजे सामने आने के बाद कोई भी पक्ष अपनी बात से न मुकर सके.  

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दोनों प्रत्याशियों की हार-जीत की इस अनोखी शर्त के बीच नियम यह भी रखा गया है कि अगर दोनों में से किसी भी प्रत्याशी की जीत पांच हजार से कम वोटों से होगी तो स्टाम्प पेपर पर लगी हुई यह शर्त निरस्त मानी जाएगी. 

प्रत्याशियों की जीत पर छिड़ी जंग, दो वकीलों में लग गई दो-दो लाख की शर्त, स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट

शर्त लगाने वालों का क्या कहना है? 

विजेंद्र का कहना है कि मैंने बदायूं लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य की जीत पर शर्त लगाई है और मुझे विश्वास है कि वह भारी मतों से जीत रहे हैं. यह शर्त मैंने गांव के ही रहने वाले दूसरे पक्ष नीरेश यादव से लगाई है. हार जीत को लेकर हम दोनों के बीच बहस हो रही थी उसी समय हम लोगों ने यह शर्त लगाई है. जिसमें जीतने वाले प्रत्याशी के समर्थक को 2 लाख 30 हजार रुपये मिलेंगे. इसके लिए हमने 2 लाख 30 हजार रुपये भी जमा कर दिए हैं. इसमें हमने एक शर्त यह भी रखी है कि अगर कोई भी प्रत्याशी 5 हजार या उससे कम वोटो से जीतता है तो ये शर्त निरस्त मानी जाएगी.  

वहीं दूसरे पक्ष यानी नीरेश का कहना है कि बदायूं लोकसभा सीट से आदित्य यादव समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं और उन्हीं के नाम पर मैंने 2 लाख 30 हजार रुपये की शर्त लगाई है और मुझे विश्वास है कि वह इस सीट से भारी वोटों से जीत रहे हैं. 

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दो वकीलों ने लगाई थी दो लाख की शर्त 

इससे पहले बदायूं की सीट पर दो वकीलों ने भी सपा-भाजपा प्रत्याशी की जीत हार को लेकर दो-दो लाख रुपये की शर्त लगाई थी. उन्होंने भी शर्त को लेकर स्टाम्प पेपर पर पूरा ब्यौरा लिखा था ताकि हार जीत के बाद कोई भी पक्ष अपने वादे से मुकरे नहीं और शर्त की रकम को तीसरे वकील के पास रख दिया गया था. 

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