उत्तर प्रदेश के बागपत में 5 दिन पहले किडनैप हुए मासूम बच्चे का शव एक गड्ढे से बरामद हुआ है. पुलिस का कहना है कि बच्चे की हत्या उसी के चचेरे भाई और उसके कुछ दोस्तों ने की है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने दादा की पेंशन की रकम हड़पने के लिए पहले तो बच्चे का अपहरण किया. इसके बाद निर्मम तरीके से उसकी हत्या कर शव गड्ढे में छिपा दिया. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है.
कोतवाली खेकड़ा क्षेत्र के फखरपुर गांव से 15 दिसंबर की शाम ट्यूशन से लौटते समय 7 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद से पुलिस लगातार बच्चे की तलाश कर रही थी. जंगलों में ड्रोन व डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पा रहा था.
पुलिस ने मासूम का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा तक कर दी थी. इसके बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे. पुलिस आसपास के सीसीटीवी पुलिस खंगाल रही थी. इसी बीच सीसीटीवी से कुछ ऐसे सुराग मिले, जिससे 5 दिन बाद केस की परतें खुलनी शुरू हो गईं.
पुलिस ने शक के आधार पर चचेरे भाई से की पूछताछ, तब खुला राज
पुलिस ने शक के आधार पर बच्चे के चचेरे भाई को हिरासत में लिया और उससे कड़ी पूछताछ की. इस दौरान पता चला कि चचेरे भाई ने ही ट्यूशन से लौटते वक्त बच्चे का अपहरण किया था. फिर उसकी हत्या कर दी. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके दादा कुछ दिन पहले ही रिटायर हुए थे, जिसमें उनको पेंशन की रकम मिली थी. उसी रकम को हड़पने के लिए उसने यह साजिश रची.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस के साथ सर्च ऑपरेशन में भी रहा, जिससे किसी को उस पर शक न हो. फिलहाल पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.