उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 15 वर्षीय दलित लड़के की 'दुर्घटना' में मौत के बाद सबूत मिटाने के लिए उसके शव को ट्रैक्टर रोटावेटर से कुचलने के आरोप में बहराइच से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने एक न्यूज एजेंसी को दी. उन्होंने बताया कि रिसिया थाना क्षेत्र के गायत्री नगर निवासी विक्रम (15) स्थानीय ठेकेदार संजय वर्मा के लिए कृषि कार्य करता था. 9 दिसंबर को विक्रम के पिता मुनीजर ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि उनका बेटा 6 दिसंबर को काम पर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा.
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान वर्मा ने दावा किया कि उसने उस दिन रात करीब 9 बजे विक्रम को गांव के एक टावर के पास छोड़ा था. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की जांच में वर्मा और उसके सहायक लवकुश पाल के बयानों में विसंगतियां सामने आईं. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है. वर्मा के कबूलनामे के अनुसार खेत जोतते समय विक्रम गलती से ट्रैक्टर से गिर गया और रोटावेटर की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई.
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हालांकि, एसपी ने बताया कि मेडिकल सहायता लेने के बजाय उन्होंने घटना को छुपाने का फैसला किया. वर्मा ने विक्रम के शव पर दो अलग-अलग जगहों पर रोटावेटर चलाने और शव को खेत में दफनाने व उसके जूतों को पास के तालाब में फेंकने की बात स्वीकार की है.
शुक्ला ने कहा ने कहा कि पुलिस टीमों ने खेतों और तालाब सहित विभिन्न स्थानों से पीड़िता की जैकेट, शर्ट, पैंट और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए और उन्हें फोरेंसिक व डीएनए जांच के लिए भेज दिया है. वर्मा और पाल पर भारतीय न्याय संहिता की हत्या और सबूतों को नष्ट करने सहित कई धाराओं और एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने कहा कि अपराध में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर और रोटावेटर को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़िता को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक ट्रायल की मांग करेगी.