scorecardresearch
 

भेड़िया या कुत्ते का हमला... चीखती-चिल्लाती रही बच्ची, गर्दन पकड़ खींच ले गया जानवर, बहराइच में फिर आदमखोर का आतंक

बहराइच जिले में बीते रविवार को छठे भेड़िये के मारे जाने के बाद वन विभाग 'ऑपरेशन भेड़िया' ठंडे बस्ते में डालने की ओर बढ़ चला था, लेकिन कल रात थाना हरदी क्षेत्र के गांव में एक वन्य जीव ने सात वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया.

Advertisement
X
बहराइच में वन्य जीव का हमला
बहराइच में वन्य जीव का हमला

यूपी के बहराइच में बीते रविवार को छठे भेड़िये के मारे जाने के बाद वन विभाग 'ऑपरेशन भेड़िया' ठंडे बस्ते में डालने की ओर बढ़ चला था, लेकिन कल रात थाना हरदी क्षेत्र के गांव में एक वन्य जीव ने सात वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया. वन्य जीव घर के आंगन में अपनी मां के साथ सो रही मासूम को गले को पकड़ कर घसीटते हुए ले जा रहा था. मगर बच्ची के चिल्लाने और छटपटाने पर वह उसे दरवाजे पर ही छोड़कर खेतों की ओर भाग गया. 

Advertisement

घायल बच्ची को परिजन आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से पहले स्थानीय सीएचसी और बाद में हालत गंभीर होने पर उसे बहराइच मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे. फिलहाल, उसका इलाज चल रहा है. हालत खतरे से बाहर है लेकिन शरीर पर जख्म है. परिजन इसे भेड़िये का हमला बता रहे हैं, वहीं बच्ची को देखने अस्पताल पहुंचे बहराइच के डीएफओ अजीत सिंह इसे कुत्ते का हमला बता रहे हैं. 

घायल बच्ची के पिता राम पाल ने कहा कि हमारी बच्ची घायल हुई है. उसके गले पर किसी जानवर ने काटा है. गर्दन पर दोनों ओर दांत लगे हुए हैं. हमला तब हुआ जब बच्ची अपनी मां के साथ घर के आंगन में सोई हुई थी. इसी दौरान जानवर उसे उठा कर ले जा रहा था, मगर शोर सुनकर हम सब लोग दौड़ पड़े, जिससे बच्ची बच गई. बच्ची जानवर को भेड़िया बता रही है. 

Advertisement

भेड़िया या कुत्ते का हमला? 

हालांकि, डीएफओ अजीत सिंह इस बात से इनकार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्ची पर दो कुत्तों ने हमला किया है. लेकिन मेडिकल कालेज में भर्ती सात वर्षीय अंजू की मां ने डीएफओ की बात को गलत करार दिया है. उन्होंने कहा कि बेटी मेरे साथ आंगन में सो रही थी, मैं जान नहीं पाई कब जानवर आया और उसे उठा ले गया. जब चीख सुनी तो जगी, तब तक जानवर बेटी को दरवाजे पर छोड़कर भाग गया. बेटी ने कहा कि अम्मा उसे भेड़िये ने काटा है. मगर डीएफओ साहब मानने को तैयार नहीं. 

ये भी पढ़ें- बहराइच के आखिरी भेड़िये की मौत, भेड़ियों ने 9 मासूमों समेत 10 लोगों को बनाया था शिकार

गौरतलब है कि 2 सितंबर को इसी गांव की दो वर्षीय अंजली को घर के भीतर से भेड़िया उठा ले गया था. भेड़िये ने अंजली को मार डाला था. खेत में अंजली का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था.  अब महीने भर बाद उसी गांव में एक बार फिर सात वर्षीय अंजू को एक वन्य जीव उठाकर भाग रहा था. अंजू के परिजनों के मुताबिक, उनकी बच्ची इस हमले को भेड़िये का हमला बता रही है लेकिन जिले के डीएफओ इसे कुत्ते का हमला बता रहे हैं. 

Live TV

Advertisement
Advertisement