UP News: बहराइच के कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में तेंदुआ के बाद अब जंगली हाथियों का उत्पात शुरू हो गया है. यहां एक साइकिल सवार युवक को टस्कर हाथी ने हमला कर रौंद दिया. युवक चीखने-चिल्लाने लगा तो गज मित्रों की टीम मौके पर पहुंची और हांका लगाकर हाथी को दूर भगाया. इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घायल युवक को स्थानीय प्राइवेट क्लीनिक पर पहुंचाया, जहां से उसे सीएचसी भेजा गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई.
इस घटना के बाद डीएफओ ने परिजनों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है. इसी के साथ उस क्षेत्र में किसी को भी अकेले जाने से मना किया है. डीएफओ के मुताबिक, भवानीपुर गांव के पास तीन टस्कर जंगली हाथियों के समूह का मूवमेंट है. इसलिए वन विभाग ने इसको लेकर लोगों को सचेत किया है.
दरअसल, थाना सुजौली क्षेत्र में कतर्नियाघाट रेंज में में भवानीपुर का रहने वाला 26 वर्षीय मुबारक साइकिल से नेपाल सब्जी बेचने जा रहा था. उसी दौरान कतर्नियाघाट मार्ग पर गुदगुदी के पेड़ के पास टस्कर हाथी ने उस पर हमला कर दिया. युवक ने साइकिल छोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने दौड़ाकर उसे रौंद डाला. चीखने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने हांका लगाया और हाथी को जंगल की ओर भगाया.
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इसके बाद सूचना वन विभाग व गज मित्रों को दी गई. सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई और युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. रेंजर रामकुमार घायल युवक को देखने पहुंचे. युवक की हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए सीएचसी मोतीपुर भेजा गया. रास्ते में घायल मुबारक की मौत हो गई. घटना के बाद मृतक मुबारक के घर में चीख-पुकार मच गई. इस घटना की सूचना के बाद कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ के डीएफओ बी. शिवशंकर ने परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के तौर पर 10 हजार रुपए दिए.
भवानीपुर गांव के पास हाथियों का बढ़ा उत्पात
कतर्नियाघाट वन अधिकार समिति के अध्यक्ष सरोज गुप्ता का कहना है कि इस समय कतर्नियाघाट के भवानीपुर समेत कई गांवों के निकट जंगली हाथियों का उत्पात बढ़ गया है. घटना के बारे में आजतक से फोन पर बात करते हुए कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ के डीएफओ बी शिवशंकर ने बताया कि एक हाथी ने युवक पर अटैक किया था, जिसमें वह घायल हुआ था. उसे सीएचसी मोतीपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
डीएफओ का कहना है कि मृतक को उधर जाने से रोका गया था, लेकिन संभवतः इस बात को वह नहीं सुन पाया था और घटना का शिकार हो गया. दरअसल, भवानीपुर गांव जहां का मृतक निवासी है. उसके आसपास तीन टस्कर हाथियों का मूवमेंट बढ़ा है. इसलिए इधर लोगों को अकेले निकलने से प्रतिबंधित किया गया है.
अगर किसी को जाना भी है तो वह चार पांच लोगों के समूह में ही वहां से निकलें. घटना के बाद मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से तत्काल 10 हजार की आर्थिक सहायता दी गई है. वन्य जीव हमले में हुई मौत के मामले में डीएम की ओर से आपदा राहत कोष से पांच लाख रुपए दिए जाएंगे.
जंगल क्षेत्र से सटे गांवों में हाथियों का झुंड उत्पात मचा रहा है. जंगली हाथी फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं, जिसे देखते हुए कतर्नियाघाट वाइल्ड, वन विभाग व गज मित्रों की टीम अलर्ट मोड पर है. इसके साथ ही वन विभाग हाथियों के हमले से बचने के लिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है.