बहराइच में तेंदुए के हमले की एक और घटना प्रकाश में आई है. रविवार दोपहर खेत की रखवाली कर रहे किसान को तेंदुए ने हमलाकर मार डाला. घटना के बाद मृतक किसान का क्षत विक्षत शव काफी देर तक खेत में ही पड़ा रहा.
बहराइच में तेंदुए ने किसान पर हमला कर दिया. इस हमले में किसान की मौत हो गई. काफी देर बाद जब लोगों ने किसान की तलाश शुरू की तक क्षत-विक्षत लाश खेत में पड़ा मिला. इसके बाद घर में कोहराम मच गया. परिजनों ने इसकी सूचना ककरहा रेंज कार्यालय पर दी लेकिन सूचना के बाद भी काफी देर तक कोई वन कर्मी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा.
काफी देर तक खेत में पड़ा रहा शव
बहराइच के कतरनिया घाट वाइल्ड लाइफ के ककरहा रेंज अंतर्गत मुर्तिहा कोतवाली थाना क्षेत्र के धरमपुर बेझा गांव निवासी चालीस वर्षीय कंधई पुत्र जगजीवन रविवार दोपहर अपने धान की खेत की रखवाली के लिए गए थे. इसी बीच खेत से लगी बाग में वो कुछ काम करने लगे इसी बीच छुपकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया और उन्हे मार डाला. घटना की जानकारी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और घटना स्थल पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई.
घटना की सूचना परिजनों ने कतरनिया घाट वाइल्ड लाइफ के ककरहा रेंज आफिस पर दी लेकिन वहां किसी वन कर्मी के मौजूद नहीं होने के कारण देर तक कोई भी वन कर्मी घटना स्थल पर नहीं पहुंच सका. बाद में वन दारोगा अशोक श्रीवास्तव घटना स्थल पर पहुंचे. वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
48 घंटे में तेंदुए का दूसरा बड़ा हमला..
कतरनियाघाट वाइल्ड लाइफ अंतर्गत मुर्तिहा कोतवाली में ही 48 घंटे में तेंदुए के हमले की ये दूसरी बड़ी वारदात सामने आई है इससे पूर्व हरखापुर गांव में किसान मधुसूदन मौर्या पर तेंदुए ने उस समय हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था जब वो अपने खेत में लौकी काटने गए थे वहीं आज धर्मापुर गांव में कंधई की तो हमलाकर जान ही ले ली.
वन विभाग की कार्यशैली से नाराज हैं ग्रामीण..
इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यशैली से ग्रामीण बेहद नाराज दिखाई पड़ रहे हैं. धर्मापुर बेझा गांव निवासी बालकिशुन यादव ने बताया की खेत में वह (मृतक) बैठा था बाघ आया और खेत से किसान को ले गया. इसके बाद वन विभाग का कोई नही आया केवल दरोगा आया है केवल मुंशी आया है. घटना के तीन घंटे बाद अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.
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वहीं इसी गांव के कमलेश यादव का कहना है कि हम बेझा में रहते हैं जब हम धरमपुर आए तो उसकी लाश पड़ी हुई थी तीन बजे बाघ आया और उसे खा गया इसके बाद वन विभाग का कोई नहीं आया सिर्फ राजस्व विभाग के लोग आए थे. यहां अगर वन विभाग के वचन से किसी घटना की शिकायत करो तो वो कहते हैं कि केस काट देंगे.
क्या कहते हैं डीएफओ कतर्नियाघाट ?
इस घटना पर कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ के डीएफओ बी शिवशंकर का कहना है कि मृतक दोपहर तीन बजे के आस पास अपने खेत में काम करने गया था जो एकदम जंगल से सटा हुआ है. वह वहां अकेला था. अकेला वहां गाय बांधने गया था तो उस समय उनके ऊपर एक लेपर्ड (तेंदुए) ने अटैक कर दिया है. घर लाते लाते उसकी मौत हो गई. डीएफओ बी शिवशंकर से जब यह पूछा गया कि किसान की मौत तो ऑन द स्पॉट हुई है उसकी तस्वीर है तो उनका कहना था कि जब उसे स्पॉट से लाने लगे तभी उसकी मौत हुई है. किसान की मौत के मुआवजे पर उन्होंने बताया कि ये कार्यवाही वो करेंगे लेकिन हमारे वन कर्मी वहां पिंजरा लगाने के लिए पहुंच रहे हैं.