उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य और वन मंत्री, संजय निषाद, ने बुधवार दोपहर को बहराइच जिला मुख्यालय का दौरा किया और कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के अलावा भेड़िए के हमलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि शूटरों की संख्या डबल कर दी गई है. उन्होंने कहा कि अगर वे नहीं पकड़े जाते हैं तो उन्हें मारने की संभावनों से इनकार नहीं कर सकते.
संजय निषाद ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि जब तक भेड़िए पकड़े नहीं जाते, तब तक किसी को भी घर के बाहर नहीं सोना चाहिए. उन्होंने बताया कि भेड़िए पकड़ने वालों की संख्या को दुगुना कर दिया गया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले वर्षों में, जैसे 2002 और 2004 में, यहां 34 मामले सामने आए थे, लेकिन इस बार सिर्फ 10 मामले आए हैं.
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भेड़िए का घर डूब गया है...
संजय निषाद स्पष्ट किया कि एक भी मामला होना उचित नहीं है और इसे रोका जाना चाहिए. यूपी सरकार के मंत्री ने कहा कि भेड़िया पकड़ने के लिए 10 दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बाढ़ की वजह से भेड़िए का घर डूब गया है और वे इस कारण से चिड़चिड़े हो गए हैं. भेड़िए के अटैक का तरीका भी अलग होता है.
शूटरों की संख्या डबल की गई
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि शूटर की संख्या 9 से दुगुना करके 18 कर दी गई है. केवल प्रशिक्षित शूटरों को ही तैनात किया जा रहा है, जो केवल भेड़िए को ही मारेंगे और किसी अन्य को चोट नहीं पहुंचाएंगे.
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मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं और भेड़िए के हमलों की समीक्षा कर रहे हैं. बिजली और स्वास्थ्य विभागों को भी अलर्ट पर रखा गया है. तीन भेड़िए ड्रोन कैमरों में देखे गए हैं, और उनकी संख्या की पुष्टि के लिए काम जारी है.
गांव वालों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनके घर बाढ़ में डूब गए हैं. दरवाजों और लाइट की उचित व्यवस्था की जाएगी. मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अगर भेड़िया नहीं पकड़ा गया तो उसे मारने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.