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बाहुबली धनंजय सिंह की जेल से रिहाई हो गई है. बरेली जेल से छूटने के बाद वो नैनीताल स्थित कैंची धाम पहुंचे. वहां दर्शन-पूजन के बाद सीधे जौनपुर के लिए निकल गए. देर रात जौनपुर जाते समय रास्ते में वह सीतापुर के पास एक ढाबे पर खाना खाने पर रुके, जहां 'आज तक' से बातचीत में उन्होंने कहा कि '2 महीने से जेल में हूं. अब बाहर आकर हाल लूंगा. वैसे चुनाव का फीड बैक तो अच्छा मिल रहा है. उनका (श्रीकला रेड्डी) चुनाव तो जौनपुर की जनता लड़ रही है.'
गौरतलब है कि धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला जौनपुर से बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं. जेल से छूटने के बाद अब धनंजय पत्नी श्रीकला के चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. जौनपुर पहुंचने से पहले उन्होंने खुद को हुई सजा को लेकर कहा कि मुझे एक ऐसे मुकदमे में सजा मिली, जिसके भ्रष्टाचार को मैं खुद सामने लाया.
बकौल धनंजय- जिस दिन मेरी जमानत का फैसला आने वाला था उस दिन बगैर किसी वाजिब कारण के मुझे 600 किमी दूर बरेली भेज दिया गया. जौनपुर पहुंचकर चुनाव में अपनी पत्नी का चुनाव देखूंगा. संयोजक के रूप में कमान संभालूंगा. वैसे जनता तन मन धन से चुनाव लड़ रही है.
इससे पहले धनंजय सिंह ने जेल से निकलकर मीडिया से बात करते हुए कहा था, "फर्जी मुकदमे में सजा हुई है. 2020 में मेरे ऊपर फर्जी मुकदमा दायर किया गया था. माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे जमानत दी है. मेरी पत्नी बहुजन समाज पार्टी से चुनाव जौनपुर सीट पर चुनाव लड़ रही हैं. मैं यहां से सीधा जौनपुर अपने क्षेत्र में जाऊंगा और उनके लिए प्रचार करूंगा."
जेल से रिहा होते ही पहुंचे नैनीताल
मालूम हो कि बीते दिन जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह बरेली सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद नैनीताल में बाबा नीम करौरी धाम पहुंचे. धनंजय सिंह ने दल बल और पूरे काफिले के साथ नीम करौरी धाम पहुंचकर बाबा का धन्यवाद दिया और चुनाव से पहले जीत की कामना की. पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि सुबह जेल से रिहा होने के बाद पहले धनंजय सिंह अपने क्षेत्र जौनपुर जाने वाले थे लेकिन अचानक से बाबा को धन्यवाद करने के लिए उनका काफिला नैनीताल पहुंच गया. इस दौरान तमाम समर्थक भी उनके साथ थे.
शनिवार को बरेली जेल में हुए थे शिफ्ट
बता दें कि धनंजय सिंह शनिवार को जौनपुर जेल से बरेली जेल में शिफ्ट किए गए थे. हालांकि, कोर्ट से शनिवार को ही जमानत मंजूर हो गई थी लेकिन तब तक जौनपुर पुलिस उनको जेल से लेकर बरेली जेल के लिए निकल चुकी थी. अगले दिन अवकाश पडने की वजह से कागजी कार्रवाई नहीं हो पाई. कल सुबह तमाम कागजी कार्रवाई और औपचारिकता पूरी हो जाने के बाद धनंजय सिंह को जेल से रिहाई मिल गई. जेल से बाहर आते ही मीडिया से बातचीत करते हुए धनंजय ने कहा था कि वह सबसे पहले क्षेत्र पहुंचेंगे और पत्नी को चुनाव लेकर तैयारी करेंगे.