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UP: पिता नहीं देता था खर्चा... बेटे ने सुपारी देकर कराई हत्या, ऐसे खुला राज

यूपी के बस्ती जिले में बेटे ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी. बेटे ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि पिता द्वारा खर्चा नहीं दिया जा रहा था.

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UP के बस्ती में बेटे ने सुपारी देकर कराई पिता की हत्या
UP के बस्ती में बेटे ने सुपारी देकर कराई पिता की हत्या

यूपी के बस्ती जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक बेटे ने महज इसलिए अपने पिता की बेदर्दी से हत्या करवा दी क्योंकि उसे बेटे का अधिकार नहीं मिल रहा था. हत्या करने के लिए बेटे ने खौफनाक प्लान बनाया. जिसमें उसने अपने ही साथियों के साथ मिलकर पिता को पिकअप वाहन से कुचलकर मौत की नींद सुला दिया. वारदात को हत्यारे बेटे ने दुर्घटना का रूप देने का पूरा प्रयास किया मगर, उसके प्रयास पर बस्ती पुलिस ने पानी फेरते हुए गिरफ्तार कर लिया.

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दरअसल पूरा मामला हरैया थाना क्षेत्र के परसौडा गांव का है. जहां 45 साल के रामसूरत चौधरी की हत्या बेटे अमर ने कर डाली. रामसूरत ने दो शादी की थी, जिसमें उसकी पहली पत्नी सरिता से तीन संताने थीं, जबकि दूसरी पत्नी से कोई संतान पैदा नहीं हुआ था. पहली पत्नी अपने बेटों को लेकर कई साल से मायके में ही रह रही थी. सरिता ने न्यायालय में भरण पोषण के लिए पति रामसूरत के खिलाफ दावा दाखिल किया था.

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दो दिन पूर्व 2 अप्रैल को नेशनल हाइवे पर हर्रैया से बस्ती की तरफ जाने वाली लेन पर पिकअप वाहन चढ़ाकर रामसूरत चौधरी हत्या कर दी गई थी. मृतक की बहन चंद्रकला देवी ने थाना कप्तानगंज पर 6 लोगों के खिलाफ हत्या और साजिश करने का एक मुकदमा दर्ज कराया था.

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पुलिस ने विवेचना से पाया कि मृतक की पहली पत्नी सरिता लगभग 20 वर्षों से अपने पुत्रों को लेकर मायके में रहती थी, न्यायालय में भरण-पोषण का मुकदमा और संपत्ति को लेकर विवाद था. जिसके कारण मृतक की पहली पत्नी और उसके बेटा रामसूरत की हत्या करना चाहते थे. मृतक की दूसरी पत्नी मिथिलावती से कोई संतान नहीं थी. इसके लिए इन लोगों ने सहअभियुक्तों के साथ षड़न्त्र किया.

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मृतक के पुत्र अमर ने इस षड्यंत्र में मुख्य रूप से अपने जिगरी दोस्तों-जय प्रकाश और अनिल का सहयोग लिया. अमर रामसूरत की एक माह से रेकी कर रहा था. घटना के दिन राम सूरत मोटर साइकिल से अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान मौका पाकर पीछे से बिना नंबर की पिकअप से अमर और अनिल चौधरी ने टक्कर मारकर रौंद दिया. जिससे रामसूरत की मौके पर ही मौत हो गई.

डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में अभियुक्त अमर चौधरी द्वारा पिता की हत्या के लिए एक लाख रुपये अनिल चौधरी को बतौर सुपारी देने की बात भी स्वीकार की गई.  डीएसपी ने कहा गिरफ्तार अभियुक्तों को कोर्ट में भेजा पेश कराया गया. जिसके बाद न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया है. जब कि शेष अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है.

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