उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कारण, कोर्ट ने रामपुर के डूंगरपुर मामले में आजम खान सहित सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है. रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने जबरन घर खाली कराए जाने और मकान तोड़ने के मामले में फैसला सुनाया है. हालांकि अन्य मामलों को लेकर आजम खान अभी भी जेल में ही रहेंगे. डूंगरपुर से जुड़े कुल 12 मामलों में 4 में आजम खान बरी हो चुके हैं, जबकि दो मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है.
दरअसल, डूंगरपुर प्रकरण में आजम खान, रिटायर सीओ आले हसन खान और बरकत अली ठेकेदार आदि के खिलाफ 6 दिसंबर 2019 को थाना गंज में मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि आजम खान, रिटायर सीओ आले हसन खान और बरकत अली ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट की. घर में तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी दी. इसके साथ ही उनके मकान को तोड़ दिया था. ये घटना 6 दिसम्बर 2016 की थी जब सपा सरकार थी और आजम खान मंत्री थे. इसी से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने इसी साल आजम खान को 10 साल की सजा सुनाई थी.
बताते चलें कि पिछले साल फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में सपा नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी. फेक बर्थ सर्टिफिकेट का यह केस साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से जुड़ा है. तब अब्दुल्ला आजम ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उनकी जीत भी हुई थी.