यूपी के गाजीपुर में दो आरपीएफ जवानों के हत्याकांड में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. पिछले दिनों जिले के गहमर थानांतर्गत रेलवे ट्रैक पर अर्धनग्न अवस्था में आरपीएफ जवानों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले थे. शव देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी. पुलिस इस केस को सॉल्व करने में शिद्दत से जुटी हुई थी.
फिलहाल, गाजीपुर पुलिस ने 20 अगस्त को रेलवे ट्रैक के पास मिले आरपीएफ के दो जवानों जावेद खान और प्रमोद कुमार सिंह की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है. इसके तार बिहार के शराब माफियाओं से जुड़े हैं. इस केस को जीआरपी, आरपीएफ, एसटीएफ के सहयोग से सॉल्व किया गया है. हत्याकांड में शामिल चार शातिर किस्म के अंतरप्रांतीय बदमाश गिरफ्तार हुए हैं. इसमें एक पुलिस से क्रॉस फायरिंग में गोली लगने से घायल हुआ है. पकड़े गए बदमाश शराब तस्करी से जुड़े हैं.
बता दें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड पर गहमर कोतवाली क्षेत्र में दो आरपीएफ जवानों का शव अलग-अलग स्थानों पर मिला था. एक नाम जावेद खान और दूसरे का नाम प्रमोद कुमार सिंह था. दोनों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में गाजीपुर पुलिस टीम ने पूरी ताकत झोंक दी थी. टीम कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही थी. घटना के बाद पंडित दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंची जांच टीम ने गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस के विभिन्न डिब्बों में जाकर भी पड़ताल की थी. क्योंकि, इसी ट्रेन पर सवार होकर आरपीएफ जवान अपने गंतव्य को निकले थे, मगर उनकी लाश गाजीपुर में मिली.
बताया जा रहा है कि हत्यारोपी शराब तस्करी की घटना को अंजाम दे रहे थे, जिसमें हस्तक्षेप करने के कारण दोनों आरपीएफ जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी. फिलहाल पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि स्वाट, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने केस को क्रैक डाउन किया है. स्वाट/सर्विलांस एवं थाना गहमर की सयुंक्त टीम द्वारा शराब तस्कर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से एक सरकारी पिस्टल 9mm बोर की बरामद हुई है. कुल चार लोगों की गिरफ़्तारी हुई है.
इसमें एक घायल बदमाश प्रेमचंद (35) पटना (बिहार) का रहने वाला है. बाकी के तीन बदमाश भी बिहार के ही रहने वाले हैं. इन सभी पर पहले से कई केस दर्ज हैं. इनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों आरपीएफ जवानों की हत्या शराब तस्करों द्वारा की गई थी. गिरफ़्तारी में नोएडा STF की यूनिट भी लगी हुई थी.
पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक, मृतकों के सामान की बरामदगी के लिए पुलिस एक बदमाश को घटनास्थल पर ले गई तो उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर पुलिस ने उसे पकड़ लिया.