यूपी की बिजनौर पुलिस ने वाहन चोरों के बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है. इस गैंग के लोग पहले तो गाड़ियां चोरी करते फिर उत्तराखंड ले जाकर उनके पार्ट्स काटकर, पुर्जा-पुर्जा अलग कर बेच देते. पुलिस ने इनके पास से चोरी की कई गाड़ियों के अलावा उनके पुर्जे, इंजन, गियरबॉक्स, 40 स्टेपनी और 5 टन स्क्रैप बरामद किया है.
बिजनौर पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी मिलकर चोरी की गाड़ियों को काटने का काम करते थे. इनमें से तीन उत्तराखंड में गैराज चलाते थे जबकि, दो गाड़ी चोरी कर वहां ले जाते थे. फिर सब मिलकर गाड़ियों को काटते, उसके पुर्जे-पुर्जे करते और उन्हें कबाड़ में बेचने का काम करते.
इस पूरे मामले में बिजनौर के एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने कहा कि चेकिंग के दौरान दो युवकों को होंडा सिटी कार के साथ पकड़ा गया था. जांच में कार के अंदर से कई नंबर प्लेट बरामद हुईं. इसके बाद पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि ये होंडा सिटी कार चोरी की है. एक चोरी की कार बिजनौर के बुखारा निवासी सरफराज की थी, जिसने कोतवाली शहर में मुकदमा भी दर्ज कराया था.
पकड़े गए दोनों आरोपियों आरिफ और शमीम ने पुलिस को यह भी बताया कि वह गाड़ी चोरी करके अपने दोस्त मोहसिन जो ऋषिकेश में गैराज चलाता है उसको 15 से 20 हजार में दे देते थे. मोहसिन चोरी की गई गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे अलग-अलग कर भेज देता, फिर उसे बेचा जाता.
पूछताछ के बाद पुलिस ने इन दोनों गाड़ी चोरों को साथ लेकर मोहसिन के गैराज पर उत्तराखंड में छापा मारा. वहां तलाशी के दौरान गैराज से एक बिजनौर शहर से चोरी की गई होंडा सिटी कार कटी हुई हालत में बरामद हुई. इसके अलावा एक वैगनआर कार का इंजन, जिसपर केवल आधा नंबर लिखा था बरामद हुआ.
इसके साथ ही करीब 40 स्टेपनी, एक सेंट्रो कार (चालू हालत में), 13 गाड़ियों के गियरबॉक्स और 12 गाड़ियों के इंजन भी बरामद हुए. वहीं, कटी हुई गाड़ियों का करीब 5 टन स्क्रैप भी गैराज से बरामद हुआ. फिलहाल, पुलिस ने गैराज से मोहसिन के दो साथी इजहार और फारूक को भी गिरफ्तार कर लिया है. मामले में कुल पांच आरोपियों को गाड़ी चोरी कर काटने के आरोप में गिरफ्तार करते हुए जेल भेजा गया है.