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सुल्तानपुर के नसीम की थी डकैती में इस्तेमाल बाइक, जौनपुर में हुई थी चोरी, 8 दिन तक पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR

सुल्तानपुर के ज्वैलरी शोरूम में हुए डकैती कांड में अहम खुलासा हुआ है. इस वारदात में जो बाइक इस्तेमाल की गई थी वो जिले के ही कादीपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी मोहम्मद नसीम की थी. नसीम के मुताबिक, बाइक चोरी के बाद वो आठ दिन तक इधर-उधर भटकता रहा लेकिन पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज की.

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सुल्तानपुर के नसीम ने सुनाई आपबीती
सुल्तानपुर के नसीम ने सुनाई आपबीती

सुल्तानपुर जिले के ज्वैलरी शोरूम में हुए डकैती कांड (28 अगस्त) में अहम खुलासा हुआ है. इस वारदात में जो बाइक इस्तेमाल की गई थी वो जिले के ही कादीपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी मोहम्मद नसीम की थी. दरअसल, नसीम 20 अगस्त को जौनपुर के अस्पताल में अपनी मां मदीना खातून को दिखाने गया था. इसी दौरान वहां उसकी बाइक चोरी हो गई थी. जिसके बाद नसीम पुलिस के पास गया लेकिन उसकी एफआईआर नहीं दर्ज की गई. 

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इसी बीच बाइक चोरी के आठवें दिन (28 अगस्त) सुल्तानपुर शहर के ठठेरी बाजार स्थित सर्राफा व्यवसायी के यहां डकैती हो जाती है. जिसके बाद सुल्तानपुर पुलिस और जौनपुर पुलिस की एंट्री होती है. दोनों जिले की पुलिस नसीम से पूछताछ करती है. पूछताछ के बाद पुलिस नसीम को उठा ले जाती है. इस दौरान पुलिस जगह-जगह के सीसीटीवी कैमरे चेक करवाती है. 

ये भी पढ़ें- चप्पल, बुलेटप्रूफ़ जैकेट और चोरी की बाइक... मंगेश एनकाउंटर में पुलिस के जितने दावे उतने सवाल

नसीम की मां मदीना खातून ने कहा कि अब तक बेटे की बाइक बरामद नहीं हुई है. पुलिस कई बार पूछताछ कर चुकी है. बकौल मदीना खातून- 20 अगस्त को नसीम मुझे दिखाने के लिए एक रिश्तेदार के साथ जौनपुर के अस्पताल गया था. लेकिन वहां उसकी बाइक चोरी हो गई. इसके बाद 21, 22 और 23 अगस्त तक लगातार नसीम बाइक की तलाश करता रहा और FIR दर्ज करवाने के लिए दौड़ता रहा. मगर FIR दर्ज नहीं हुई.  

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वहीं, नसीम के पिता मकबूल के मुताबिक- कोतवाली में बेटे ने FIR करवाने की कोशिश की थी. मगर उससे कहा गया कि अभी यूपी पुलिस का एग्जाम चल रहा है, तुम जाओ, तुम्हारी FIR लिख ली जाएगी. इस तरह नसीम को टरका दिया गया. 

28 अगस्त को जब ज्वैलरी शोरूम में डकैती होती है तो पुलिस फोर्स घर आती है. नसीम पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताता है. नसीम के परिजनों के मुताबिक, डकैती की घटना के बाद बाइक चोरी की FIR दर्ज की जाती है. आज (11 सितंबर) नसीम फिर से जौनपुर बयान देने गया है. 

नसीम ने कहा कि मैं तीन दिन तक सुल्तानपुर से जौनपुर टहलता रहा लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की. डकैती होने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया. नसीम का कहना है कि मुकदमा 28 अगस्त की शाम को लिखा गया, मतलब- ज्वैलरी शोरूम में डकैती वाले दिन. 

गौरतलब है कि सुल्तानपुर में जिस जगह मंगेश यादव का एनकाउंटर हुआ वहां की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें एसटीएफ के लोग  चप्पल में नजर आ रहे हैं. उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट भी नहीं पहना है. ये सब चीजें इस एनकाउंटर पर सवाल पैदा करती हैं. और उन्हीं चीज़ों में से एक है मौके पर पड़ी हीरो सुपर स्प्लेंडर बाइक. जिसे पुलिस ने मंगेश के पास से बरामद दिखाया है. इस बाइक पर कोई नंबर नहीं है. लेकिन इस बाइक का कनेक्शन 20 अगस्त को जौनपुर से चोरी हुई एक दूसरी सुपर स्प्लेंडर बाइक से जुड़ता दिख रहा है. 

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क्योंकि, जौनपुर में जो बाइक 20 अगस्त को चोरी हुई थी, उसकी रिपोर्ट आठ दिन बाद ठीक उसी 28 अगस्त को लिखी गई, जिस दिन सुल्तानपुर में डकैती की वारदात हुई. और फिर उसी डकैती के सिलसिले में जो एनकाउंटर हुआ, वहां पर वैसी ही सुपर स्प्लेंडर बाइक नजर आई. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर जौनपुर पुलिस ने बाइक चोरी की रिपोर्ट इतने दिन बाद क्यों लिखी?

(सुल्तानपुर से नितिन श्रीवात्सव की रिपोर्ट)
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