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BJP नेता पर हमले का केस निकला फर्जी, भाई को फंसाने के लिए खुद रची थी गोलीकांड की झूठी कहानी

यूपी के संभल में बीजेपी नेता ने 27 जुलाई को खुद पर गोलियों से हमले को लेकर एक रिपोर्ट लिखवाई थी.जिसमें कहा गया था कि जमीन के विवाद पर उसके भाई ने साथियों के साथ मिलकर उसपर हमला किया था. लेकिन अब जांच में मामला फर्जी निकला है.

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File Photo
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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते दिनों बीजेपी नेता ने जमीन के विवाद में खुद पर गोली से हमला किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही थी. वहीं, अब पुलिस ने जांच में पाया है कि बीजेपी नेता ने फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था. नेता पर हमला नहीं किया गया था. पूरा मामला थाना चंदोसी के मोहल्ला लुधियांन का है.

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बीजेपी नेता ने भाई और अन्य के खिलाफ दर्ज कराया था मामला

बीजेपी नेता ने लिखित में तहरीर थी कि उनके भाई, जो भेजी से चंदोसी की तरफ आ रहे थे. मोहल्ले के रहने वाले अपने दोस्त दिलीप व अन्य के साथ मिलकर सैनिक चौराहे के पास सुनसान स्थान पर उन्हें गोली मार दी. जिसके बाद तत्काल पुलिस द्वारा घायल नेता प्रेमपाल को अस्पताल ले जाया गया. जहां परीक्षण के दौरान उन्हें हायर सेकंडरी अस्पताल रेफर कर दिया गया. 

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बीजेपी नेता ने अपने बयान में कहा था कि उनपर हमला बहजोई से अपने घर चंदोसी आने के दौरान 27 जुलाई को सुबह 10 बजे किया गया था. दिलीप हेमंत और श्याम लाल ने जमीनी विवाद चलते उन्हें पीठ में गोली मारी थी. जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तीनों अभियुक्तों कोर्ट में पेश किया गया था और चालान कर दिया गया था.

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बीजेपी नेता ने ऐसे रची थी गोलीकांड की घटना
 
मामले की जांच के लिए टीमें भी गठित कर दी गई थी. सर्विलांस सेल को मामले में जांच के लिए निर्देशित किया गया था. जांच में पाया गया कि बीजेपी नेता प्रेमपाल के द्वारा ही षड्यंत्र रचते हुए अपने दो अन्य साथियों राहुल व जय वीर की मदद ली थी. दोनों की मदद से बीजेपी नेता ने अपनी पीठ पर गोली का निशान बनवाकर उसमें गोली प्लांट करवाई थी. 

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फिलहाल मामला झूठा निकलने के बाद कोर्ट के आदेश के बाद दिलीप, हेमंत, श्यामलाल को जेल से मुक्त करा लिया गया है. साथ ही मामले में षड्यंत्रकारी प्रेमपाल, राहुल, अमित, शराफ को माननीय न्यायालय से अनुमति लेकर गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, अभियुक्त जयवीर को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. 

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