भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुलडोजर नीति का विरोध किया है. गोंडा में ब्रिज भूषण सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए बेटे करण के लिए वोट मांगे और बुलडोजर नीति का विरोध किया.
जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि मैं मुसलमान से भी यही अपील करता हूं और मुसलमान भी मन बना चुके हैं, इसलिए मैं सार्वजनिक मंचों से कहता हूं कि मुसलमान के यहां मैं चोरी-चोरी नहीं जाता हूं खुलेआम जाता हूं, यह कोई नेता नहीं बोलता मैं बोलता हूं, मैंने खुले मंच से बोला था कि में बुलडोजर नीति का मैं विरोधी हूं, घर बड़ी मुश्किल से मिलता है.
'मैं बागी हूं'
सांसद ने कहा कि बृज भूषण सिंह ही ऐसा व्यक्ति है जो आपके दुख और दर्द को समझता है और इसीलिए मैंने कहा था कि घर बड़ी मुश्किल से बनता है. इसकी नाराजगी भी मैं झेल रहा हूं लेकिन कोई बात नहीं. उन्होंने कहा कि किसी सोते को गफलत से जगा देना बगावत है, किसी कमजोर के हक को गिरा देना बगावत है. अगर सच्चाइयों का गीत गाना ही बगावत है, तो हम भी एक बागी हैं, मेरा मजहब बताए कोई.
भाजपा सांसद ने कहा कि इस बार सारा का सारा वोट कमल के फूल पर पड़ेगा. मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पड़ेगा और करण भूषण को सांसद बनने के लिए पड़ेगा. जो भी आपका वोट होगा वह हमारे लिए होगा, लेकिन किसी के लिए यह थप्पड़ होगा जो 500 से 700 किलोमीटर दूर बैठकर मेरे राजनीतिक जीवन को समाप्त करना चाहते हैं. वे वहीं बैठे-बैठे दुआ कर रहे हैं. ट्विटर के माध्यम से दुआ कर रहे हैं मेरी बर्बादी की कहानी की. वे मेरी बर्बादी का तमाशा देखना चाहते हैं.
यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय
बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवान यौन शोषण मामले में आरोप तय करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि 6 में से 5 मामलों में बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है. कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354-D (पीछा करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया. जबकि उन्हें छठे मामले में बरी कर दिया गया है.
बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में तय आरोपों पर 21 मई को बहस होगी. इन आरोपों में यौन उत्पीड़न का आरोप गैरजमानती है, इसमें पांच साल की सजा है. कोर्ट ने बृजभूषण के सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत हैं. विनोद तोमर के खिलाफ 506(1) के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत हैं.