यूपी की कैसरगंज लोकसभा सीट से बीजेपी ने मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटकर उनके बेटे करण भूषण को दे दिया है. बृजभूषण अब अपने बेटे के चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. वो अपनी सभाओं में 'बुलडोजर एक्शन' का विरोध करते नजर आ रहे हैं. इसको लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बुलडोजर नीति से नुकसान भी हुआ है. गोंडा में जेसीबी चलाई गई और बताया गया कि नजूल की जमीन है, जबकि पूरा गोंडा नजूल पर बसा है तो क्या पूरा गोंडा उजाड़ दीजिएगा.
नजूल जमीन का मतलब- सरकारी भूमि का वह प्रकार जिसका उपयोग गैर-कृषि प्रयोजन जैसे भवन, सड़क, बाजार, खेल का मैदान या किसी अन्य सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जाता है. इसका स्वामित्व सरकार के पास होता है.
वहीं, महिला पहलवानों के आरोपों को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि आरोप सिद्ध हो गया तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा. जबकि, अपराधियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई के जवाब में बृजभूषण सिंह ने कहा कि कौन अपराधी है और कौन नहीं इसे साबित करना बहुत लंबी प्रक्रिया है. लेकिन समाज में जो बहुत दुर्दांत हैं, जिनका आतंक है उनपर बुलडोजर एक्शन ठीक है. लेकिन यही बुलडोजर जब गरीब, आम आदमी, दुकानदार पर चलता है तो अच्छा नहीं लगता.
उन्होंने यह भी कहा कि मैं हरियाणा में बहुत लोकप्रिय हूं. मुझे वहां के 95% लोग पसंद करते हैं. मैंने खेल के क्षेत्र में जो काम किया है उसका सबसे ज्यादा लाभ हरियाणा को हुआ. अगर महिला पहलवानों का आरोप सिद्ध हो गया तो फांसी पर लटक जाऊंगा.
अपने हाथों से मर्डर करने वाले बयान पर बीजेपी सांसद ने कहा कि फैजाबाद में क्रॉस फायरिंग हुई थी. बहुत पहले की बात है. वो केस खत्म हो गया है. विद्यार्थी जीवन का टाइम था. इस वक्त तो चुनाव प्रचार जबरदस्त तरीके से चल रहा है. जीत का मार्जिन बढ़ाना है बस.
गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह की वजह से उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट की पूरे देश में चर्चा है. हालांकि, वे चुनाव मैदान में नहीं हैं. मगर बीजेपी ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को टिकट दिया है. वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने भगतराम मिश्र और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने नरेंद्र पांडेय पर दांव खेला है.