यूपी के अलीगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सुपरिटेंडेंट टीपी सिंह ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली. वह बुलंदशहर मुख्य डाकघर में पोस्टेड थे. दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने कल (20 अगस्त) शाम भ्रष्टाचार के आरोप में डाकघर पर छापेमारी की थी. बताया जा रहा है कि इस कार्यवाही से वो काफी परेशान थे. सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि कुछ कर्मचारी गलत कार्यों के लिए दबाव बना रहे थे, तंग कर रहे थे, इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं.
बता दें कि डाकघर में करीब 10 घंटे चली छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम तमाम डाक्यूमेंट्स अपने साथ ले गई थी. पोस्ट ऑफिस सुपरिटेंडेंट टीपी सिंह (त्रिभुवन प्रसाद सिंह) से भी सुबह चार बजे तक पूछताछ की थी. इस कार्यवाही के कुछ घंटे बाद अलीगढ़ अपने घर आकर टीपी सिंह ने सुसाइड कर लिया. इससे पहले उन्होंने पोस्ट ऑफिस के व्हाट्सऐप ग्रुप पर सुसाइड नोट डाला था, जो अब वायरल हो रहा है.
मृतक ने अपने लेटर हेड पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़ को संबोधित करते हुए ये सुसाइड नोट लिखा था. इस सुसाइड नोट में दफ्तर के कई लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है. आरोप है कि ये लोग परेशान करने के उद्देश्य से अनियमित कार्य करने का दबाव बना रहे थे. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है.
बताया जा रहा है कि टीपी सिंह दिसंबर 2021 से बुलंदशहर के प्रधान डाकघर में अधीक्षक थे. एक रिटायर्ड कर्मचारी ने डाक अधीक्षक पर यात्रा भत्ता बिल स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर विभाग के हेड क्वार्टर में शिकायत की थी. जिसपर बीते मंगलवार को विजिलेंस टीम जांच के लिए डाकघर आई थी. इसी के बाद से टीपी सिंह तनाव में थे.
अधिकारियों से पूछताछ के बाद मुख्य अधीक्षक डाकघर टीपी सिंह ने अपने अलीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचकर बुधवार सुबह लाइसेंसी राइफल से अपने घर में आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि घटना के वक्त घर में टीपी सिंह के अलावा कोई और नहीं था. उनकी पत्नी शिक्षिका हैं, जो सुबह ही स्कूल के लिए निकल गई थीं.