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उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है. इस बीच अखिलेश यादव और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने पहली बार मंच साझा किया है. यहां भीम आर्मी प्रमुख सपा उम्मीदवार को अपना समर्थन देने आए थे. क्या चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी ने सपा के साथ गठबंधन कर लिया है? इस सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि ये गठबंधन नहीं है, बल्कि संविधान बचाने की लड़ाई है.
रामपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने आकाश सक्सेना को उम्मीदवार बनाया है. वहीं सपा ने आसिम रज़ा को उम्मीदवार बनाया है.
आजतक से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि मैंने देखा कि लोकतंत्र की हत्या रामपुर में कैसे हो रही है. जो सुबह प्रचार करता है अगले दिन जेल में होता है, अन्याय की पराकाष्ठा यहां पर हो रही है. वह बोले कि गठबंधन दल के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लिखे जा रहे हैं, उन्हें डराने का काम किया जा रहा है, झंडे देखकर रोका जा रहा है और लाठी के दम पर चुनाव पलटा जा रहा है. चंद्रशेखर ने आगे कहा कि कर्मचारी अगर बीजेपी कार्यकर्ता बनकर चुनाव लड़ेंगे तो यह निष्पक्ष नहीं होगा.
उपचुनाव पर बात करते हुए भीम आर्मी के प्रमुख बोले कि रामपुर का चुनाव बराबरी का है. पिछली बार 55000 से जीते थे इस बार लीड बढ़ेगी.
चंद्रशेखर ने आगे कहा कि इस चुनाव में हालात इमरजेंसी जैसे कर दिए गए हैं, बीजेपी ने कोई काम नहीं किया है. नौजवान किसान महिलाएं इनके खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भीम आर्मी खतौली और रामपुर दोनों में सतर्कता बरतने का काम करेगी और चुनाव में यह देखेगी कि वोट डालने दिया जा रहा है या नहीं.
चंद्रशेखर बोले- सपा से गठबंधन नहीं, ये संविधान बचाने की लड़ाई
बता दें कि 2022 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और चंद्रशेखर की पार्टी ने गठबंधन की कोशिश की थी. लेकिन यह अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाया था. ऐसे में चंद्रशेखर का अब अखिलेश के साथ एक मंच पर आना सवाल खड़े करता है. इसपर चंद्रशेखर ने कहा, 'यह गठबंधन नहीं है. लोकतंत्र-संविधान बढ़ाने की लड़ाई है. इसके लिए किसी को न्योता नहीं भेजा गया. मेरी इच्छा है कि हम रामपुर, खतौली और मैनपुरी का उपचुनाव जीतें.'
वह आगे बोले कि संविधान बचाने और लोकतंत्र को बचने के लिए बीजेपी के खिलाफ भीम आर्मी और चंद्रशेखर आजाद डटा रहेगा और इसके लिए लड़ाई हम लड़ते रहेंगे.