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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर सहारनपुर के देवबंद में बुधवार शाम को कार सवार बदमाशों ने हमला कर दिया. ताबड़तोड़ फायरिंग में एक गोली चंद्रशेखर की पीठ को छूती हुई निकल गई. फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. वहीं पुलिस ने हमलावरों की कार बरामद कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
इस सबके बीच चंद्रशेखर ने हमले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि सरकार उन्हें गोली और बंदूक से नहीं डरा सकते. भीम आर्मी चीफ ने ट्वीट करते हुए लिखा, "कल घात लगाकर मेरे ऊपर किए गए जानलेवा हमले की निंदा करने और मेरे प्रति संवेदना प्रकट करने वाले मित्रों, नेताओं व शुभचिंतकों का दिल से आभार प्रकट करता हूं. कल की तरह की घटना आज भले हीं मेरे साथ घटी है लेकिन आगे किसी भी समय ऐसी घटनाएं किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों और उनके समर्थकों के साथ घट सकती है."
उन्होंने आगे कहा, "इसकी दो वजहें हैं. पहला ये कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है और दूसरा ये कि सरकार अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर प्रश्रय देकर उसे संरक्षण प्रदान कर रही है जिससे सरकार समर्थित अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उनको आज न तो कानून का भय है और न हीं पुलिस का. आज भारत के लोकतान्त्रिक मूल्य और बाबा साहेब का संविधान दोनों हीं खतरे में हैं. जब सरकार समर्थित बेखौफ घूमते अपराधी मेरे जैसे राजनेतों की आवाजों को खामोश करने के लिए हमले कर सकते हैं, खुलेआम कई राऊंड गोलियां चला सकते हैं तो इस प्रदेश की बहु- बेटियां, दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के ऊपर कितना जुल्म और अत्याचार किया जा रहा है इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते."
'चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से नहीं झुका सकते'
भीम आर्मी चीफ ने कहा, "सत्ता के नशे में लोग इतने पागल हो गए हैं कि ये अपने विरुद्ध उठने वाली आवाजों को मिटा देने पर तुले हैं. पहले ये लोग इसके लिए ED,CBI और इनकम टैक्स अधिकारियों का दुरुपयोग किया करते थे, फिर फेक पुलिस इनकाउंटर करवाने लगे और अब तो विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए सरकार समर्थित अपराधी सीधे बंदूक-गोलियों से हमले करने लगे हैं.वो भूल रहे हैं कि भारतवर्ष का इतिहास हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है. वो भूल रहे हैं कि आज भी हमारा बहुजन समाज बिना डरें सीमाओं पर अपनी जान देकर इस देश की रक्षा में जुटा है. मैं भी उसी समाज का एक हिस्सा हूं. इसलिए आप चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से न तो झुका सकते हैं न डरा सकते हैं और न ही डिगा सकते हैं. मेरा 56 इंच का सीना असली है नकली नहीं."
'मेरे ऊपर हमला सरकार की विफलता'
उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर हुआ जानलेवा हमला सरकार की विफलता है क्योंकि प्रदेश के जनता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है और मैं भी प्रदेश का एक जिम्मेदार नागरिक हूं. बीजेपी राज्य में बेखौफ अपराधियों को संरक्षण देने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री जी को तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे देना चाहिए.
कब और कैसे हुआ हमला?
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर बुधवार शाम को अपने एक साथी की मां की रस्म पगड़ी में शामिल होने के बाद सहारनपुर लौट रहे थे. शाम करीब 5 बजे देवबंद थाना क्षेत्र के यूनियन सर्किल के पास उनपर ये हमला हुआ. 4-5 हमलावर हरियाणा नंबर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से आए. हमलावरों ने दाहिने ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान 4 गोलियां दागी गईं. हमले में एक गोली गेट को चीरते हुए चंद्रशेखर की पीठ को छूती हुई निकल गई. इसके बाद गोली सीट में धंस गई.