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दिल्ली में ट्रेनिंग, कानपुर में ड्यूटी... मेजर-कैप्टन बन सेना में भर्ती के नाम पर 300 युवाओं से ठगी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने तीन ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को सेना में भर्ती कराने के नाम पर लाखों रुपये ठगते थे. हैरानी वाली बात ये है कि दिल्ली में ट्रेनिंग कराने के बाद कानपुर के कई इलाके ड्यूटी भी कराते थे. पुलिस का कहना है कि ये गिरोह अब तक करीब 300 छात्र-छात्राओं को ठगी का शिकार बना चुका है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. तीन युवकों ने मिलकर करीब 300 छात्र-छात्राओं को दिल्ली में ट्रेनिंग कराई. इसके बाद सेना में फर्जी नौकरी के नाम पर पूजा-पंडालों और पार्कों में ड्यूटी लगवाई. इसके बदले छात्र-छात्राओं से लाखों रुपये ठगे. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से फर्जी आईडी कार्ड और मेडल भी बरामद हुआ हैं.

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दरअसल, कानपुर में तीन युवक सेना के मेजर, कैप्टन और ब्रिगेडियर बनकर लोगों से ठगी करते थे. ये लोग सेना में भर्ती की चाह रखने वाले युवाओं से डील करते थे. इतना ही नहीं ये गैंग फर्जी आईडी कार्ड देकर कानपुर के कई मॉल, पूजा-पंडाल और बड़े पार्क में ड्यूटी भी लगवा देता था. हैरानी वाली बात ये है कि गैंग ने युवाओं को दिल्ली में ट्रेनिंग भी करवाई.

'फर्जी आईडी कार्ड देकर पूजा-पंडाल में करवाई ड्यूटी'

इस मामले में कानपुर सेंट्रल के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि कुछ दिनों पहले तीन लड़कियों ने आकर स्वरूप नगर थाने में शिकायत की थी. कहा था कि हिमांशु नाम के एक मेजर ने हम तीनों को सेना में भर्ती कराने के लिए लाखों रुपए ले लिए हैं. आईडी कार्ड भी दिया और ट्रेनिंग के नाम पर हमसे कानपुर के मोती झील और पूजा पंडाल में ड्यूटी करवाई.

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'मामले में जांच के लिए गठित की टीम'

तीनों लड़कियों ने बताया कि जब हमने उनसे कहा कि अधिकारियों से मिलना है. तो उसने किसी ब्रिगेडियर से हमारी बात कराई. मगर, हमें लगा कि ये लोग फर्जी हैं. हम जैसे बहुत से लोगों को ठग रहे हैं. शिकायत सुन पुलिस ने मामले में जांच के लिए टीम  गठित की. इसके बाद खुलासा हुआ और पुलिस ने हिमांशु शर्मा, अंकुर पाल और आदित्य कुमार राजपूत को गिरफ्तार किया.

'करीब 300 छात्र-छात्राओं से की ठगी'

इस गिरोह में हिमांशु शर्मा ब्रिगेडियर बनता था. जबकि अंकुर पाल मेजर और आदित्य कुमार कैप्टन बनकर भोले-भाले छात्रों को अपने जाल में फंसाते थे. तीनों कानपुर के रहने वाले हैं. इनके पास से फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी डॉक्यूमेंट और सेना के मेडल बरामद किए गए हैं. ये तीनों अब तक करीब 300 छात्र-छात्राओं को ठगी का शिकार बना चुके हैं.

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