दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सर्वाधिक व्यस्त रेलवे स्टेशन में शुमार यूपी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर RPF और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ काम करने वाली टीम को बड़ी सफलता मिली है. टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 9 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया है.
इस मामले में आरपीएफ ने तीन ह्यूमन ट्रैफिकर्स को भी गिरफ्तार किया है. इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरपीएफ की टीम ने इनको मुगलसराय कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है, जहां पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के बाद विधिक कार्रवाई की जा रही है. वहीं, इन मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाए गए बाल मजदूरों को चाइल्ड लाइन के माध्यम से उनके परिवारों को सौंप जाने की कवायद शुरू कर दी गई है.
दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन यानि डीडीयू स्टेशन पर RPF के नेतृत्व में एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन और चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम द्वारा संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया गया. इस दौरान अलग-अलग तीन एक्सप्रेस गाड़ियों से जिसमें 12938 गरबा एक्सप्रेस से 04 बाल मजदूर, जिनको ले जा रहे एक बाल तस्कर सहदेव कुमार निवासी जयपुर एवं ट्रेन संख्या 01666 रानी कमलापति एक्सप्रेस से 02 बाल मजदूर, जिनको ले जाने वाले तस्कर बिपिन कुमार निवासी बिहार और गाड़ी संख्या 12987 सियालदह अजमेर एक्सप्रेस से कुल 03 बाल मजदूर और इनको ले जाने वाले तस्कर प्रद्युम्न चौहान निवासी कैमूर, बिहार को गिरफ्तार किया गया.
यह सभी लोग बिहार के रहने वाले बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात और राजस्थान की तरफ ले जा रहे थे. फिलहाल, RPF की टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है.
मामले में प्रदीप कुमार (इंस्पेक्टर RPF) ने कहा कि आरपीएफ डीडीयू की टीम और साथ में चाइल्ड लाइन की टीम के द्वारा संयुक्त रूप से दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर अलग-अलग ट्रेनों में चेकिंग अभियान चलाया गया. जिसमें तीनों अलग-अलग ट्रेनों से 9 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया. इनको ले जाने वाले तीन तस्करों को भी पकड़ा गया है. तीनों अलग-अलग स्थान के रहने वाले हैं. जिसमें एक झारखंड के चतरा का रहने वाला है, दूसरा बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है और तीसरा बिहार के ही कैमूर जिले का रहने वाला है. पकड़े गए सभी तस्करों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली को सौंप दिया गया है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.