उत्तर प्रदेश सरकार नौनिहालों को पढ़ाने-लिखाने के लिए बड़े-बड़े काम और दावे कर रही है. प्रदेश की बेहतरी के लिए तमाम कवायदें की जा रही हैं. इन सब कोशिशों के बीच प्रदेश में शिक्षा के मंदिर को दागदार करने का मामला सामने आया है. रायबरेली जिले के गौरा स्थित एक प्राइमरी विद्यालय में जिन बच्चों के हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उनमें ईंटें देखने को मिली हैं.
वीडियो ने आलाधिकारियों में मचा दिया हड़कंप
गौरतलब है कि जिले में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें देश के भविष्य (स्कूली छात्र) मजदूरों की तरह दिखाई दे रहे हैं. उनसे स्कूल में ईंटें उठवाई जा रही हैं. देखते ही देखते इस वीडियो ने जिले के आलाधिकारियों में हड़कंप मचा दिया.
दीन शाह गौरा ब्लॉक का है मामला
बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र सिंह का कहना है कि ये प्रकरण उनके संज्ञान में आया है. मामला दीन शाह गौरा ब्लॉक का है. इसकी जांच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा विभाग की हो रही किरकिरी
शिक्षा अधिकारी कार्रवाई की बात जरूर कह रहे हैं लेकिन इस वीडियो ने शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी की है. लोग सवाल कर रहे हैं कि एक ओर सरकार बच्चों को पढ़ाने के लिए बेहतर शिक्षा के लिए नित नए प्रोग्राम ला रही है और स्कूल में बच्चों से ये कराया जा रहा है.
आखिर ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी...
सवाल ये भी उठ रहा है कि अच्छी खासी तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों को आखिर ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी कि छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में कॉपी-कलम-दवात की जगह ईंटें पकड़ा दीं.