
चित्रकूट में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कक्षा 7 में पढ़ने वाले एक छात्र की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई. इस वारदात को किसी और ने नहीं बल्कि उसके साथी छात्रों ने अंजाम दिया था. आरोपी छात्र 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले हैं. उन्होंने मृतक के व्यापारी पिता से 50 लाख की फिरौती मांगी थी. लेकिन भेद खुलने के डर से अपहृत छात्र की ईंट से कूचकर बेरहमी से हत्या कर दी.
पुलिस ने बताया कि कक्षा 7 में पढ़ने वाले छात्र के अपहरण की योजना उसके ही गांव रहने वाले 11वीं के छात्र ने बनाई थी. आरोपी 11वीं के छात्र ने अपने सीनियर (12 वीं में पढ़ने वाले दोस्त) को जब यह प्लान सुनाया तो वह भी इसमें शामिल हो गया. इन दोनों ने एक और छात्र को अपने साथ मिला लिया और गुटखा व्यापारी के बेटे को किडनैप कर लिया.
तीनों छात्रों ने रैपुरा गांव निवासी गुटखा व्यापारी राजधर के बेटे सुधांशु के अपहरण को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया था. उन्हें लगा था कि वह कभी पकड़े नहीं जाएंगे. लेकिन फोन कॉल के चलते तीनों महज 6 घंटे के अंदर पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
मौज-मस्ती के लिए चाहिए थे पैसे, इसलिए किया अपहरण
पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपी छात्रों का कहना है कि उन्होंने 50 लाख रुपये की रकम अपनी मौज मस्ती के लिए मांगी थी. ये लोग उस रकम से एक स्कॉर्पियो खरीद कर घूमना फिरना चाहते थे. जब आरोपियों पता लगा की सुधांशु के पिता के पास काफी पैसे हैं तो उन्हें शौक पूरा करने के लिए सुबोध का अपहरण कर उसके पिता से पैसा लेना सबसे आसान लगा. फिलहाल, तीनों छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उनके चौथे साथी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
पहले किया अपहरण, फिर की हत्या
सबसे पहले एक अभियुक्त ने किसी के मोबाइल से सिम चोरी किया. फिर तीनों ने मिलकर कक्षा 7 में पढ़ने वाले छात्र सुधांशु का अपहरण कर लिया. रईस परिवार का सुधांशु एक-दो दिन के लिए घूमने फिरने चला जाया करता था. इसलिए उसके गायब होने को परिजनों ने गंभीरता से नहीं लिया.
लेकिन जब सुधांशु के पिता के मोबाइल पर एक कॉल आई और अपहरण की बात बताई गई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. आरोपियों ने 3 घंटे के अंदर 50 लाख रुपये की डिमांड की. अपहरणकर्ताओं ने यह फोन कॉल चोरी के सिम को सुधांशु के मोबाइल में डालकर किया था. जब सुधांशु के पिता ने अपहरणकर्ताओं के अकाउंट में रकम ट्रांसफर करने की बात कही तो वे लोग नगद पैसा मांगने लगे.
गौरतलब है कि तीनों आरोपी छात्र सुधांशु को चित्रकूट के देवांगना के जंगलों में मौज-मस्ती करने के लिए ले गए थे. जब इन्होंने सुधांशु के सामने उसके पिता से अपहरण करने की बात बताई तो सुधांशु भड़क गया. उसने कहा कि छूटने पर सबकी पोल खोल दूंगा. ऐसे में भेद खुलने के डर से तीनों छात्रों ने मिलकर सुधांशु की पत्थर से हत्या कर दी.
आरोपियों को लगा कि चोरी की सिम का उपयोग करने से वो पकड़े नहीं जाएंगे लेकिन लेकिन चित्रकूट पुलिस ने सिर्फ 6 घंटे के अंदर इस अपहरण और हत्याकांड का खुलासा करके तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, इस पूरी योजना में एक चौथा युवक भी शामिल था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहे हैं.