उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 514 गरीब बेटियों की शादी कराई गई, लेकिन समारोह के दौरान भ्रष्टाचार और घोटाले का बड़ा मामला सामने आया. समाज कल्याण विभाग द्वारा दिए गए उपहारों में नकली पायल, घटिया गुणवत्ता की साड़ियां और नकली किचन का सामान शामिल था.
जब दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों ने उपहारों की जांच की तो वे हैरान रह गए. स्थानीय विश्व हिंदू महासंघ के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का खुलासा किया. संघ के जिला अध्यक्ष और महामंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा इन गरीब बेटियों को सम्मान और सहायता देने की जो मंशा थी, उसे विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों ने ठगा.
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में दिया गया घटिया सामान
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार हर दुल्हन को शादी के लिए 51 हजार रुपये और ISI-मानक वाले उपहार देती है, जिसमें आभूषण, कुकर, श्रृंगार का समान और साड़ी होती है, जिसकी लंबाई 5 मीटर से कम नहीं होती.
लेकिन इस बार ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलकर सामनों की गुणवत्ता में कटौती कर दी. नकली पायल, छोटे आकार की साड़ियां, और घटिया किचन के उपकरण देकर गरीब बेटियों की गरीबी का मजाक उड़ाया गया.
इस घोटाले पर विश्व हिंदू महासंघ ने विरोध जताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. जिला अधिकारी रवीश कुमार गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी. डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी और ठेकेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
विश्व हिंदू महासंघ ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
बात दें, बस्ती के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था. जिसमें लगभग 500 जोड़ों का विधि विधान से विवाह कराया गया था. सरकार की तरफ से दिए जाने वाले सामानों को नकली बताते हुए विश्व हिंदू महासंघ जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.