उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते बुधवार को 1,007 अवैध ई-रिक्शा जब्त किए और 3,093 का चालान किया. इससे पहले मंगलवार को भी एक्शन लिया गया. दो दिन में आठ हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की गई. अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक दिन पहले ही पुलिस ने व्यापक कार्रवाई शुरू की थी. अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान पिछले सप्ताह लखनऊ में एक ऑटो चालक द्वारा एक महिला यात्री के साथ बलात्कार और हत्या के बाद शुरू किया गया था. आरोपी 21 मार्च को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.
आधिकारिक बयान में परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मंगलवार को अभियान शुरू किया गया. बयान में कहा गया कि अभियान के दूसरे दिन 1,007 ई-रिक्शा जब्त किए गए और 3093 का चालान किया गया. बयान में आगे कहा गया कि अभियान के पहले दिन अधिकारियों ने पूरे राज्य में 915 ई-रिक्शा जब्त किए और 3,035 उल्लंघनकर्ताओं को चालान जारी किए. परिवहन आयुक्त ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी. इस दौरान जागरूकता अभियान भी चलाया गया.
न्यूज एजेंसी के अनुसार, अभियान के नोडल अधिकारी अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह ने बताया कि बुधवार को आगरा मंडल में 444 अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि लखनऊ मंडल में 377, कानपुर में 277 और गाजियाबाद मंडल में 257 अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की गई. उन्होंने बताया कि झांसी में 216, वाराणसी में 161, अलीगढ़ मंडल में 140, अयोध्या में 135 और मुरादाबाद मंडल में 120 ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की गई.
पहले दिन ही हुई बड़ी कार्रवाई
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान मंगलवार से प्रारंभ किया गया. पहले ही दिन 915 ई-रिक्शा सीज किए गए और 3035 वाहन चालकों का चालान किया गया. अभियान की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और जनपद स्तर पर भी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है ताकि यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो सके. अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अनधिकृत एवं बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा एवं ऑटो का संचालन रोका जाए. साथ ही, उन वाहन चालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे.
मुख्यालय से इस पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. हर जिले में अधिकारियों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें. परिवहन विभाग इस अभियान की सफलता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा.