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उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (9 मार्च) को गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता की समस्याएं सुनीं और उनका निराकरण करने का निर्देश दिया. सीएम योगी अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही ना बरतने की चेतावनी दी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए और उनका त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक निपटान सुनिश्चित किया जाए.
सीएम योगी ने गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान लगभग 500 लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए. सीएम ने कहा जनता को जल्द इंसाफ मिले ये उनकी सरकार की प्राथमिकता में है.
सीएम ने लोगों के आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए उनकी सभी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया. उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनके कार्यकाल के दौरान किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा. सीएम ने हर पीड़ित की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को गरीबों को धमकाने और लोगों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने इलाज के लिए वित्तीय सहायता चाहने वालों को सरकार के समर्थन का आश्वासन दिया. सीएम ने उनके आवेदन संबंधित अधिकारियों को भेज दिए और उन्हें लागत अनुमान प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे जल्द से जल्द सरकार को सौंपने का निर्देश दिया.
सीएम योगी ने अधिकारियों को राजस्व और पुलिस से संबंधित मामलों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हल करने का भी निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि किसी के साथ कोई अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति की करुणा और संवेदनशीलता के साथ सहायता की जानी चाहिए.
बता दें कि महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे थे. महाशिवरात्रि की पूजा के बाद आज (शनिवार) सुबह उन्होंने जनता दर्शन में लोगों की दिक्कतें सुनीं. गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ सभागार में उन्होंने लगभग 500 लोगों की समस्या सुनीं और समाधान का निर्देश/आश्वासन दिया.
अधिकारियों को दी चेतावनी
इस दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन समस्याओं का समाधान में तेजी दिखाई जाए. इस काम में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए. हर समस्या का निस्तारण/समाधान गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टीपरक होना चाहिए. समस्या लेकर आए लोगों से सीएम ने कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है.