वक्फ बिल को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है. विपक्ष द्वारा इस बिल का विरोध करने पर उन्होंने कहा कि इन दलों के लिए वोट बैंक जरूरी है. वक्फ बिल के नाम पर निषादराज की भूमि तक पर कब्जा किया गया. हम पीएम मोदी के आभारी हैं कि संशोधन द्वारा इसकी खामियां दूर की जा रही हैं.
दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में निषाद राजा गुह्य की जयंती समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे. यहां उन्होंने वक्फ बिल और महाकुंभ पर बोलते हुए तीखी टिप्पणी की. सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला करते हुए उस पर भूमि अतिक्रमण का आरोप लगाया और कहा कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर उसके "मनमाने दावे" अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. प्रयागराज में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, "वक्फ बोर्ड शहरों में भूमि पर निराधार दावे करता रहा है. कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी उन्होंने घोषणा की कि आयोजन की भूमि उनकी है. तब हमें पूछना पड़ा - क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है?"
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के अतिक्रमण हटाए गए हैं और माफियाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर कर दिया गया है. बकौल सीएम योगी, "वक्फ के नाम पर निषाद राज से जुड़ी पवित्र भूमि सहित कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया. लेकिन इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा. उनकी आपत्तियों के बावजूद एक भव्य और दिव्य कुंभ मेले का आयोजन किया गया."
सीएम ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की. उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई. इस मुद्दे को संबोधित करने वाला एक महत्वपूर्ण अधिनियम पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में मंजूरी मिल जाएगी."
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि राज्य अब अवैध दावों को बर्दाश्त नहीं करेगा और राष्ट्रीय हित को पहले स्थान पर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, "जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे."
सीएम योगी बोले- यूपी में माफियागिरी नहीं चलेगी
सीएम योगी ने कहा कि जब हम महाकुंभ का आयोजन करने जा रहे थे तो वक्फ बोर्ड कह रहा था कि कुंभ मेले की भूमि भी वक्फ की भूमि है. इसपर हमने कहा कि क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बोर्ड बन गया है? भू-माफिया प्रदेश में नहीं चल सकते. भू-माफिया को तो पहले ही हम प्रदेश से अलविदा कह चुके हैं. अब यूपी में माफियागिरी नहीं चलेगी.
आपको बता दें कि योगी सरकार ने वक्फ संपत्तियों को लेकर सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है. हालांकि, ज्यादातर जिलों ने रिपोर्ट नहीं भेजी. जिसपर अब शासन सख्त रुख अपनाने और कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. बताया जा रहा है कि कई जिलों से वक्फ के नाम दर्ज सरकारी संपत्ति का ब्यौरा नहीं भेजा गया.
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में कुल 57792 सरकारी संपत्तियां वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज हैं. कई अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज हैं, जो नियमों का उल्लंघन है. शाहजहांपुर, रामपुर, अयोध्या, जौनपुर, बरेली में वक्फ संपत्तियों पर भी अवैध कब्जे की शिकायत आई है. ऐसे में अब लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है.