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प्रभात पांडेय की मौत के मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से ढाई घंटे पूछताछ, SIT ने पूछे 50 सवाल

कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत के मामले में पार्टी के यूपी अध्यक्ष अजय राय से ढाई घंटे तक पूछताछ की गई है. पुलिस का दावा है कि अजयर राय से करीब 40-50 सवाल पूछे गए. लेकिन राय ने कई सवालों के गोल-मोल जवाब दिए.

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Congress Leader Ajay Rai (File Photo)
Congress Leader Ajay Rai (File Photo)

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की है. पुलिस ने ढाई घंटे की पूछताछ में अजय राय से करीब 40 से 50 सवाल पूछे. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अजय राय ने कई सवालों के गोल-मोल जवाब दिए.

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अजय राय से पूछे गए कुछ अहम सवालों में से एक यह भी था कि निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी उन्होंने (अजय राय) इतना बड़ा प्रदर्शन क्यों किया. इसके अलावा अजय राय से यह भी पूछा गया कि उन्होंने बड़े प्रदर्शन के दौरान मेडिकल इमरजेंसी और एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं की.

पूछताछ में दिनेश सिंह का लिया नाम

एसआईटी के सवालों के जवाब में अजय राय ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि कार्यालय प्रभारी दिनेश सिंह ही इस संबंध में जानकारी दे सकते हैं. अजय राय ने यह भी पूछा कि उन्हें कमरे के बिस्तर में प्रभात पांडेय के पड़े होने की जानकारी किसने दी. इसके अलावा उनसे यह भी पूछा गया कि उन्होंने या किसी कार्यकर्ता ने प्रभात पांडेय के बारे में पुलिस को जानकारी क्यों नहीं दी. इस सवाल का अजय राय ने कोई जवाब नहीं दिया.

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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

पुलिस की पूछताछ के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मीडिया से बातचीत की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और पार्टी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस दबाव में काम कर रही है. जबकि उन्हें पीड़ित परिवार और कांग्रेस पार्टी के साथ न्याय करना चाहिए.

बेहोशी की हालत में लाए अस्पताल

बता दें कि लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन के दौरान गोरखपुर के प्रभात पांडेय की मौत का मामला गरमाया हुआ है. डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया था कि प्रभात को कांग्रेस कार्यालय से एक गाड़ी में बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों का कहना है कि प्रभात के शरीर पर कोई चोट नहीं थी.

चाचा ने दर्ज कराया हत्या का केस

कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात की मौत के मामले में चाचा मनीष पांडेय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है. चाचा का दावा है कि उनका भतीजा दो घंटे तक कांग्रेस कार्यालय में ही बेहोश पड़ा रहा. मृतक प्रभात कुमार पांडेय के चाचा ने FIR में बताया है कि प्रभात की उम्र 31 साल थी. वह गोमतीनगर के एमिटी कॉलेज के सामने पी.जी. में रहता था. शाम करीब 4.15 बजे के आस-पास काग्रेंस दफ्तर से फोन आया की आपका भतीजा हमारे कार्यालय में 2 घंटे से बेहोश पड़ा है. चाचा ने अपने परिचित संदीप को कांग्रेस दफ्तर भेजा. तब तक प्रभात के हाथ-पैर ठंडे पड़ चुके थे. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव डालने के बाद कुछ लोग प्रभात को गाड़ी में डालकर सिविल अस्पताल पहुंचे. मगर वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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(इनपुट: संतोष शर्मा)

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