Conversion Case : उत्तर प्रदेश के कौशांबी में चंगाई सभा की आड़ में धर्मान्तरण का खेल चल रहा था. चंगाई सभा यानी वैसा कार्यक्रम, जहां लोगों का भगवान के नाम पर इलाज किया जाता है. पुलिस ने ऐसे ही एक कार्यक्रम में छापेमारी कर मौके से आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि यह लोग भोले भाले ग्रमीणों को बीमारी का इलाज व पैसा का प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं. पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर 9 नामजद सहित 1 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है. सभी को पुलिस ने जेल भेज दिया है.
धर्मांतरण की यह घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के केसरिया गांव की है. महेवा घाट थाना क्षेत्र के रहने वाले नंदू लाल सरोज ने पुलिस को आवेदन देते हुए बताया कि मेरी तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी. मैं एक दिन पश्चिम शरीरा बाजार में इलाज करने के लिए डॉक्टर के पास गया था. तभी वहां मेरी मुलाकात सत्यपाल से हुई. दोनों के बीच जान पहचान बन गई. सत्यपाल ने बताया कि तुम धर्म परिवर्तन कर लो तो तुम्हारा इलाज भी होगा और भविष्य में काफी फायदा होगा..
इलाज के बहाने किया जा रहा था धर्म परिवर्तन
रविवार को सत्यपाल ने नंदू सरोज को लेकर केसरिया गांव आया. यहां भोला मौर्य के घर पर दर्जनों लोग यीशू भगवान की पूजा कर रहे थे. इसी बहाने चंगाई सभा लगाकर भोले भाले लोगों को बीमारी और पैसा का प्रलोभन देकर काफी लोगों का धर्म परिवर्तन भी कराया जा रहा था. तभी नंदू सरोज ने पुलिस को सूचना दी.
सूचना पर पहुंची पुलिस छापेमारी कर मौके से राहुल कुमार , लव प्रसाद मौर्य , सूरज कुशवाहा, राजेश कुमार ,राजा सोनकर ,राहुल कुमार , हरि प्रसाद ,सतीश कुमार मौर्य को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने 9 नामजद सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
8 लोग गए जेल
मामले में DSP अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि सैनी कोतवाली पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उस व्यक्ति के द्वारा ग्राम केसरिया गांव में लालच दे करके धर्म परिवर्तन किया जा रहा है. इस सूचना पर तत्काल मौके पर पहुचीं और 8 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पीड़ित पक्ष से तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है. सभी को लिखापढ़ी कर जेल भेजा जा रहा है.