उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. पिछले 24 दिन के अंदर 12 लोगों की हत्या हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी का खुलासा न हुआ. पिछले 24 घंटे में प्रतापगढ़ में चार हत्याएं हुई हैं. प्रतापगढ़ जिले में बेखौफ अपराधी बेलगाम हो गए हैं तो वही खुलासा करने में प्रतापगढ़ की पुलिस हाफ रही है.
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल को जिले की कमान संभाले करीब दो साल हो गए, लेकिन लगता है कि एसपी की पकड़ अपराधियों पर ढीली हो गई है. ताजा मामला आज पट्टी कोतवाली के कठार गांव का है, जहां घर से 50 मीटर दूर 20 वर्षीय युवती कल्पना सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
भोर में लगभग 4 बजे हुई हत्या की सूचना पर पुलिस सुबह 7 बजे पहुंची. मौके पर तमंचा, कारतूस व मास्क पाया गया. युवती की शादी जून माह में होनी थी. हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. मौके पर जुटी भारी भीड़ ने पुलिस के देर से आने का विरोध भी किया. कल्पना की हत्या से कुछ घंटे पहले एक और हत्या हुई थी.
जिले में थानेदार इतने बेलगाम हो गए हैं कि हत्या के मामले में भी पुलिस अधीक्षक को दखल देना पड़ता है. उसके बाद मुकदमा दर्ज होता है. पिछले 24 दिन में 12 हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी भी घटना का खुलासा नहीं किया. इससे आप समझ सकते हैं कि प्रतापगढ़ की पुलिस अपराधियों को लेकर कितनी सख्त है.
24 दिन में हुई हत्याएं-
1- एक मई को रानीगंज कोतवाली के बिजेमऊ गांव में जमीनी विवाद में सगे भाइयों में मारपीट हो गई थी, जिसमे दो बच्चियां घायल हो गई थी. इलाज के दौरान 25 वर्षीय कोमल की मौत हो गई थी. रानीगंज थाने में एसपी के पहुंचने पर मुकदमा दर्ज हुआ था.
2. एक मई को ही प्रतापगढ़ के उदयपुर कोतवाली इलाके पुरेश्वरी गांव में सत्य प्रकाश और ओम प्रकाश के बीच दस हजार के कर्ज मांगने पर कहासुनी हुई. दोनों मौसेरे भाई थे. ओम प्रकाश ने सत्य प्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी.
3. 4 मई को थाना संग्रामगढ़ के नूरपुर गांव में दस वर्षीय बेटी के साथ 40 वर्षीय महिला मालती देवी जा रही थी... तभी बेखौफ दबंगों ने चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी.
4. 6 मई को कुंडा के रजनपुर गांव के समीप संदिग्ध परिस्थितियों में कूड़े घर के पास नर कंकाल मिला था, जिसमें शरीर से धड़ अलग था. उसके साथ ही ट्रैक सूट भी मिला था. पुलिस डीएनए टेस्ट करवाकर जांच की बात ही कर रही है.
5. 11 मई को नई कोतवाली लीलापुर के मोहनगंज देशी शराब के ठेके के पीछे मोमफली का ठेला लगाने वाले शिव शंकर सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया था लेकिन उनके परिजन उनको निर्दोष बता रहे थे.
6. 15 मई को नगर कोतवाली के मऊहार गांव में एक कार पेंटर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने खानापूर्ति के नाम पर मुकदमा दर्ज कर लिया. अभी तक कोई गिरफ्तारी न हुई है.
7. 14 मई को बाघराय कोतवाली के गौराडीह गांव में खेत की रखवाली करते किसान की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. किसान रामजियावान सरोज की गला रेत करके हत्या कर दी गई थी.
8.. 22 मई को जेठवारा कोतवाली में जमीन विवाद मामले में पिता की हत्या कर दी गई. छोटी बेटी ने आरोप लगाया कि बड़ी बहन के पति और बेटों ने रमाकांत की हत्या कर दी. जेठवारा कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज किया गया है.
9. अंतू थाना के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद में कुल्हाड़ी से काटकर कमला विश्वकर्मा की हत्या कर दी गई थी.
10. 22 मई को मानिकपुर थाना के करेन्टी गांव में मोबाइल के विवाद में कौशांबी जिले के युवकों ने विकास पटेल नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था.
11. 23 मई को सांगीपुर के जूही शुकुलपुर गांव में भाई ने भाई की चाकू से गोंदकर हत्या करके खुद को पुलिस के हवाले कर दिया. चाचा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया.
12. 24 मई की तड़के कल्पना सिंह की हत्या कर दी गई.
सवालों के घेरे में पुलिसिंग
24 दिन के अंदर 12 हत्याओं के बाद जनपद पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है क्योंकि इसी वर्ष जनपद में 3 नए थाने मिले, आधा दर्जन पुलिस चौकियां और दर्जनों से अधिक पुलिस बूथ बनाए गए... फिर भी पुलिस का खौफ अपराधियों में नहीं रह गया. अब देखना ये होगा की प्रतापगढ़ में अपराध पर नियंत्रण करने के लिए शासन क्या कदम उठाता है?
(रिपोर्ट- सुनील यादव)