scorecardresearch
 

बदायूं में 15 दिन की बेटी की हत्या, मां दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद

बदायूं में 15 दिन की नवजात बेटी की हत्या के आरोप में प्रियंका नामक महिला को शनिवार को अदालत ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. फरवरी में उसने अपनी बेटी को तालाब में फेंक दिया था. बच्ची का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने महिला के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था.

Advertisement
X
प्रतिकात्मक तस्वीर.
प्रतिकात्मक तस्वीर.

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला को अपनी 15 दिन की बेटी की हत्या करने के आरोप में शनिवार को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई. यह घटना इस साल फरवरी में हुई, जब प्रियंका ने अपनी नवजात बेटी को अपने मायके जाकर तालाब में फेंक दिया था. बच्ची का शव बाद में तालाब से बरामद किया गया था.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, महिला के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश रिंकू जिंदल ने प्रियंका को दोषी करार दिया. मामले के सरकारी वकील ऐश्वर्या कुमार ने बताया कि अदालत ने दोषी महिला को कड़ी सजा दी है, जो अब परिवार के लिए एक चेतावनी बन गई है.

ये भी पढ़ें- महिला ने बेटी को मारने की दी सुपारी, प्लान का पता चला तो बेटी ने किलर को प्रेम जाल में फंसाया, फिर उसी से करा दी मां की हत्या

तीन साल पहले किया था महिला का मर्डर

बता दें कि अक्टूबर महीने में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक महिला के मर्डर केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दे दिया. और उसे इस संगीन जुर्म के चलते उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोषी ने कत्ल की सनसनीखेज वारदात को तीन साल पहले एक गांव में अंजाम दिया था.

Advertisement

महाराजगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आतिश कुमार सिंह ने इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि महाराजगंज की एक स्थानीय अदालत ने साल 2021 में 30 वर्षीय महिला की हत्या करने के लिए एक व्यक्ति को दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

Live TV

Advertisement
Advertisement