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2500 रु के लिए महिला की नहीं कराई डिलीवरी, बच्चे की मौत, रुला देगी ये घटना

हरदोई जिले के सरकारी अस्पताल में रिश्वत नहीं मिलने की वजह से एक महिला की डिलीवरी नहीं कराई गई. इस वजह से बाद में बच्चे की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद नर्सों ने महिला की डिलीवरी कराने के लिए उसके पति से 2500 रुपये रिश्वत की मांग की थी. पैसे नहीं रहने पर भर्ती करने से इनकार कर दिया था.

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इलाज के लिए नर्सों ने मांगी रिश्वत
इलाज के लिए नर्सों ने मांगी रिश्वत

उत्तर प्रदेश के हरदोई में सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले गर्भवती महिला को भर्ती करने के एवज में उसके पति से रिश्वत की मांग की गई थी. मामला हरदोई जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम का है.

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रिपोर्ट के मुताबिक रिश्वत नहीं देने पर उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया गया था. इसके बाद अगले दिन पैसों का बंदोबस्त कर युवक गर्भवती पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जहां काफी मान मनौव्वल के बाद उसकी पत्नी का उपचार शुरू किया गया.

दरअसल मजरा सरौना गांव के रहने वाले रीशेन्द्र कुमार की पत्नी गर्भवती थी. रीशेन्द्र कुमार के मुताबिक बीते 18 मई को पत्नी मनीषा को प्रसव पीड़ा होने पर वो उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम लेकर गया था.

वहां ड्यूटी पर मौजूद 3 नर्सों ने उसकी पत्नी को भर्ती करने के लिए 2500 रिश्वत की मांग की. जब उसने रुपए ना होने की बात कही तो उसे वहां से भगा दिया गया जिसके बाद वह अपने गांव लौट आया.

अगले दिन लोगों से 1500 रुपए मांग कर वह अपनी पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा. काफी मान मनौव्वल के बाद उसकी पत्नी को 1500 रुपये लेने के बाद भर्ती कर लिया गया. 

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आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज भी की गई. बाद में उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया जिसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया जहां उसकी मौत हो गई.

रीशेन्द्र कुमार के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात नर्सों और आशा कार्यकर्ता ने उससे रिश्वत की मांग की थी. सही समय पर अगर उसकी पत्नी को भर्ती कर लिया जाता तो उसके बेटे की जान बच सकती थी.

पीड़ित युवक ने नर्सों की इस करतूत का उसी दिन अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था.

इसके अलावा युवक ने अस्पताल के नर्सों, आशा कार्यकर्ता के खिलाफ सीएमओ, डीएम, एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है. इस मामले में सीएमओ ने जांच टीम गठित की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. 

सीएमओ की माने तो जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


 

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