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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक स्कूल से बड़ी लापरवाही व संवेदनहीनता का मामला सामने आया है. यहां कक्षा 6 में पढ़ने वाले एक छात्र की बाएं हाथ की उंगली (अनामिका) लोहे के दरवाजे में दबकर कट गई. इस बीच उंगली के कटे हिस्से को एक अध्यापक द्वारा फेंकवा दिया गया. उसे लगा ये किसी काम की नहीं है. जब डॉक्टरों ने जब उस कटे हिस्से की मांग की तो हड़कंप मच गया. काफी खोजबीन करने के बाद उंगली का कटा हिस्सा मिला लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने कह दिया कि ये अब नहीं जुड़ पाएगा.
इस तरह अध्यापक की गलती से मासूम छात्र आजीवन दिव्यांग की श्रेणी में आ गया. इस मामले में पीड़ित छात्र के पिता ने दुख और लाचारगी व्यक्त करते हुए डीएम, एसपी से कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल, BSA शालिनी श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि छात्र के पैरेंट्स ने बताया कि उनके बच्चे की उंगली कट गई थी लेकिन विद्यालय द्वारा सहयोग नहीं किया गया. जिसपर खण्ड शिक्षा अधिकारी को जांच-पड़ताल के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट मिलते ही जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल, सदर कोतवाली क्षेत्र के देवरिया खास में एक नामी विद्यालय है जहां संजय तिवारी का पुत्र वासु तिवारी कक्षा 6 का छात्र है. शनिवार को लंच के दौरान वासु का हाथ दरवाजे में फंस गया, जिससे उसकी एक उंगली कट गई. संयोग वश उसी दिन विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगा था. लिहाजा वहीं पर उसे फर्स्ट एड दिया गया और फिर अस्पताल भेजा गया.
आरोप है कि इन सबके दौरान कटी हुई उंगली को अध्यापक अरविंद मोहन द्वारा कूड़े में फेंकवा दिया गया. जब पीड़ित छात्र अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने कटा हुआ पार्ट मांगा, तो सबके होश उड़ गए. जब तक कटी हुई उंगली मिलती वो खराब हो चुकी थी और दोबारा से जुड़ सकने लायक नहीं बची थी.
वासु के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि अध्यापक ने यह कहकर कटी हुई उंगली को फेंकवा दिया था कि यह अब नहीं जुड़ेगा. जबकि, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर उस कटे हिस्से को मांगने लगे कि ऑपरेट कर इसे जोड़ दिया जाए. पीड़ित के पिता की माने तो विद्यालय रसूखदार व्यक्ति का है, इसलिए कोई सुनवाई नहीं हो रही. वह खुद एक प्राईवेट विद्यालय में प्रधानाचार्य हैं. मगर ऐसी संवदेनहीनता कभी नहीं देखी.
वहीं, इन आरोपों पर विद्यालय के प्रिंसिपल अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पीड़ित के पिता का आरोप बेबुनियाद है. जैसे ही घटना हुई तत्काल अस्प्ताल ले जाकर इलाज़ कराया गया.