यूपी के देवरिया जिले में दो अक्टूबर को हुई सामूहिक हत्या में 6 लोगों की जान चली गई थी. इस हत्याकांड ने सभी का दिल दहला दिया. लेकिन देवरिया हत्याकांड में एक मासूम बच्चा अनमोल बच गया. अनमोल मृतक सत्य प्रकाश दुबे का बेटा है. हमलावरों ने उसे अधमरा कर दिया था. अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. हफ्ते भर से जिंदगी और मौत से जूझ रहे अनमोल को लेकर डॉक्टरों ने कहा कि अब वो खतरे से बाहर है.
अनमोल की हालत खतरे से बाहर
बता दें कि अनमोल दुबे का इलाज गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में जारी है. वो अब पूरी तरह से स्वस्थ है. उसकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मुस्तैद है. शासन के आदेश पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी पूरी तरह से चौकन्ना है. जिस आईसीयू रूम में अनमोल का इलाज चल रहा है वहां पर बाहरी लोगों का आना-जाना माना है.
कोई भी डॉक्टर या अस्पताल प्रशासन इस मसले पर बोलने को तैयार नहीं है. बस इतना कहा जा रहा है कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है. उसे अपना परिवार याद आ रहा है. पिछले हफ्ते सीएम योगी आदित्यनाथ ने BRD मेडिकल कॉलेज जाकर घायल अनमोल का हाल जाना था.
सीएम योगी ने की थी मुलाकात
इसके साथ ही इलाज में लापरवाही ना हो उसके लिए सीएम योगी ने सख्त हिदायत भी दी थी. सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रहे उसके भी निर्देश दिए थे. सीएम के बाद गोरखपुर के सांसद रवि किशन समेत तमाम नेता अनमोल को देखने पहुंचे थे.
घरवालों को याद कर रहा अनमोल
जैसे-जैसे समय बीत रहा है और अनमोल और बेहतर हो रहा है. लेकिन वहां पर मौजूद डॉक्टर के मुताबिक, अनमोल बार-बार अपने घरवालों खासकर माता-पिता को याद कर रहा है. डॉक्टर उसे कुछ भी बताने से बच रहे हैं. वो उसके पूरी तरह से ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं.
गौरतलब है कि अभी तक अनमोल ये बात नहीं बताई गई है कि उसका परिवार खत्म हो चुका है. सोचिए, वह पल कैसा होगा जब मासूम को पता चलेगा कि उसके मां-बाप, भाई और दो बहन अब इस दुनिया में नहीं है.
जब एक गांव से उठीं 6 लाशें
पूरा मामला देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव की है. 2 अक्टूबर (सोमवार) की सुबह जमीन विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या से गुस्साई भीड़ ने सत्यप्रकाश दुबे के घर में घुसकर 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी.
इस हमले में अनमोल भी घायल हुआ था. हमलावर उसे मरा समझकर छोड़ गए थे. लेकिन उसकी सांसे चल रही थीं. घटना के वक्त अनमोल का एक भाई देवेश पूजा-पाठ कराने बाहर गया था. इसलिए उसकी जान बच गई. जबकि, एक बहन शोभिता ससुराल में थी.
इस घटना के बाद पुलिस ने शोभिता की शिकायत पर 27 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया. अब तक 20 हत्यारोपी गिरफ्तार किए गए हैं. दो दिन पहले पुलिस ने नवनाथ मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया. नवनाथ ने ही प्रेमचंद की राइफल से दुबे परिवार पर गोली चलाई थी. नवनाथ मिश्रा मृतक प्रेमचंद यादव का ड्राइवर था.