उत्तर प्रदेश के देवरिया में पुलिसकर्मियों पर हमलाकर खनन माफिया को छुड़ाने के मामले में फरार चल रहे अर्जुन मल्ल के घर रविवार की रात बरियारपुर पुलिस दबिश देने पहुंची. अर्जुन मल्ल महिला ग्राम प्रधान प्रियंका मल्ल का देवर है. इस दौरान पुलिस टीम के डर से प्रियंका के पति व ससुर भागने के दौरान अपनी छत से दूसरे की छत पर कूद गए. हालांकि,पुलिस केवल अर्जुन को पकड़ने गयी थी.
इस मामले में जहां एक तरफ प्रियंका मल्ल ने उसके पति व ससुर के साथ एसओ कंचन राय पर पिटाई का आरोप लगाते हुए अपना वीडियो वायरल किया है. वहीं पुलिस ने भी एक वीडियो वायरल किया है जिसमें छत से गिरने के बाद ससुर और पति दोनों स्वयं डर से भागने की बात स्वीकार कर रहे हैं कि कही पुलिस उसके भाई के बजाय उसे न पकड़ ले.
इस मामले में सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने बताया जनपद देवरिया में थाना बरियारपुर में महिला प्रधान द्वारा ने पुलिस टीम पर गलत आरोप लगाए हैं. जांच के क्रम में पाया गया की थाना बरियारपुर में दिनांक 30 जनवरी दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 28/2025 के वांछित अभियुक्त की तलाश में 2 फरवरी 2025 को बरियारपुर पुलिस अर्जुन मल्ल के घर पहुंची थी. अर्जुन मल्ल वहां नहीं मिला तो घर पर पुलिस टीम को देखकर अर्जुन के पिता वह भाई ने भागने का प्रयास किया. पुलिस टीम द्वारा इस दौरान किसी से भी किसी भी अभद्रता नहीं की गई महिला प्रधान द्वारा पुलिस टीम पर लगाए गए सभी आरोप असत्य और निराधार है.
आपको बता दें कि 30 जनवरी को पुलिस चेक बाउंस मामले में वारंटी खनन माफिया पंकज गुप्ता को अहिलवार गांव में पकड़ने गई तो पुलिस टीम पर हमला कर उसके साथी उसे छुड़ा ले गए. इसके बाद अगले दिन 6 को पुलिस ने जेल भेजा था जबकि अर्जुन मल्ल पुलिस की पकड़ से दूर था. इसी को पकड़ने 2 फरवरी की रात बरियारपुर एसओ कंचन राय पुलिस टीम के साथ पहुंची तो इतना सबकुछ हुआ.