निषाद पार्टी के युवा नेता के सुसाइड मामले में विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में पार्टी प्रमुख डॉ. संजय निषाद का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निषाद पार्टी के प्रमुख व यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद और उनके बेटों के उत्पीड़न से परेशान होकर धर्मात्मा निषाद ने आत्महत्या की है. सपाइयों ने मांग की है कि इस मामले की सही से जांच की जाए और आरोपी मंत्री-बेटों को जेल भेजा जाए.
फिलहाल, महराजगंज जिले की पनियरा पुलिस ने निषाद पार्टी के नेता धर्मात्मा निषाद की मौत के मामले में एक नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. जिस नामजद की गिरफ्तारी हुई है उसका नाम जयप्रकाश निषाद है. हालांकि, मंत्री संजय निषाद और उनके बेटों का नाम तहरीर से बाहर है. पुलिस का कहना है कि जांच-पड़ताल जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके हिसाब से एक्शन लिया जाएगा.
बीते दिन पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच धर्मात्मा निषाद का शव महराजगंज स्थित घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया. अंतिम विदाई के वक्त बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी रही. रोहिन नदी के अकटहवा घाट पर धर्मात्मा का अंतिम संस्कार किया गया.
विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे
आपको बता दें कि पनियरा थानाक्षेत्र के नरकटहा गांव में रविवार को निषाद पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने अपने घर में ही सुसाइड कर लिया था. मरने से पहले धर्मात्मा ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, उनके दोनों बेटों श्रवण निषाद तथा प्रवीण निषाद व अपने मित्र जयप्रकाश निषाद पर गंभीर आरोप लगाए थे.
धर्मात्मा निषाद ने लिखा था कि मेरे आत्महत्या करने का कारण यही लोग हैं. क्योंकि, मंत्री और उनके बेटों ने मुझे बहुत प्रताड़ित किया, फर्जी मुकदमे लगवाए, जेल भिजवाया, छवि खराब करने की कोशिश की. पुलिस-प्रशासन से भी सहयोग नहीं मिला. धर्मात्मा की मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. हजारों की संख्या में समर्थक सड़क पर उतर आए. सीओ और अन्य अधिकारियों के समझाने पर करीब 6 घंटे बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंपा.
पीएम हाउस पर सपा-कांग्रेस के नेताओं का जमावड़ा, भारी फोर्स रही मौजूद
जिला अस्पताल में सोमवार को धर्मात्मा निषाद के शव का पोस्टमार्टम हुआ. इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन, पूर्व विधायक श्रीपत आजाद, पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सुशील कुमार टिबड़ेवाल, अमित चौबे, अमरजीत साहनी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह, गोपाल शाही, नूर आलम समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे. गांव से परिजनों के अलावा अन्य लोग आए थे. एडिशनल एसपी आतिश कुमार सिंह, सीओ सदर आभा सिंह, तहसीलदार सदर पंकज शाही, पनियरा थाना के प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिंह, कोतवाली पुलिस, नगर चौकी इंचार्ज विजय द्विवेदी आदि भी मौजूद रहे.
भाई ने तहरीर बदल एफआईआर दर्ज कराने का लगाया आरोप
मृतक के भाई ने कहा कि धर्मात्मा निषाद के आत्महत्या मामले में आरोपियों के ऊपर कोई एक्शन नहीं हुआ. पुलिस ने तहरीर से मंत्री-बेटों का नाम निकाल दिया. उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए.
वहीं, महराजगंज के अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पनियरा क्षेत्र के रहने वाले धर्मात्मा निषाद ने अपने ही घर पर सुसाइड कर लिया था. इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौके का मुआयना किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. मृतक के भाई परमात्मा निषाद की तहरीर एक नामजद जयप्रकाश निषाद जो मृतक का मित्र है और तीन अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है.