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हाईकोर्ट के जजों का अलग-अलग फैसला... विधायक अभय सिंह को एक ने किया बरी तो दूसरे ने सुनाई 3 साल की सजा

अभय सिंह माफिया और आपराधिक छवि के नेता हैं, जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों के मुकदमे हैं. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने अयोध्या की गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी को 13 हजार से अधिक वोटों से हराया था. हालांकि अब वह सपा के बागी विधायक के तौर पर जाने जाते हैं.

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विधायक अभय सिंह (फाइल फोटो)
विधायक अभय सिंह (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विधायक अभय सिंह पर हत्या के प्रयास के मामले में फैसला सुनाया. लेकिन इस पर अभी भी पेंच फंस गया. कारण, दो जजों ने अलग-अलग फैसले दिए हैं और दोनों के एकमत ना होने से मामला अब चीफ जस्टिस की बेंच में जाएगा. दरअसल, जस्टिस मसूदी ने विधायक अभय सिंह को 3 वर्ष की सजा सुनाई है, जबकि जस्टिस अभय श्रीवास्तव ने उन्हें बरी करने का फैसला दिया है.

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यह मामला अब चीफ जस्टिस की बेंच में जाएगा, क्योंकि दोनों जजों के फैसले अलग-अलग हैं. यह मामला वर्ष 2010 में हत्या के प्रयास के एक मामले से जुड़ा हुआ है, जिसमें गोसाईगंज अयोध्या के समाजवादी पार्टी के बागी विधायक अभय सिंह नामजद हुए थे. ऐसे में अगर 3 वर्ष की सजा कायम रहती है, तो अभय सिंह की विधायकी चली जाएगी. 

बता दें कि अभय सिंह माफिया और आपराधिक छवि के नेता हैं, जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों के मुकदमे हैं. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने अयोध्या की गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी को 13 हजार से अधिक वोटों से हराया था. हालांकि अब वह सपा के बागी विधायक के तौर पर जाने जाते हैं. हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान वह अयोध्या में काफी सक्रिय रहे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान अभय सिंह की उनसे मुलाकात भी काफी चर्चा में रही. 

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