scorecardresearch
 

मुरादाबाद में 40 साल से बंद पड़े जैन मंदिर के खुलेंगे दरवाजे, बुलडोजर से हटवाया गया गेट के सामने जमा मलबा

मुरादाबाद के रतनपुर कला में करीब 40 साल से एक जैन मंदिर बंद पड़ा है, जिसके बाहर जिला-प्रशासन ने साफ सफाई करवाई है. अब इस मंदिर को खोलने की तैयारी है.

Advertisement
X
मुरादाबाद में बंद पड़ा था ये जैन मंदिर
मुरादाबाद में बंद पड़ा था ये जैन मंदिर

यूपी के मुरादाबाद के रतनपुर कला में करीब 40 साल से एक जैन मंदिर बंद पड़ा है, जिसके बाहर जिला-प्रशासन ने साफ सफाई करवाई है. अब इस मंदिर को खोलने की तैयारी है. संपत्ति के मालिक प्रदीप कुमार जैन के द्वारा यह बात संज्ञान में लाई गई थी कि बहुत टाइम से यह मंदिर बंद पड़ा है. वह लोग अभी यहां रहते नहीं है, ऐसे में चाहते है कि मंदिर को सामाजिक कार्य के लिए खोला जाए. 

Advertisement

फिलहाल, मुरादाबाद के जिलाधिकारी ने एसडीएम बिलारी को मौके पर भेजकर मंदिर परिसर की फोटोग्राफी करवाई है. साथ ही साफ सफाई के आदेश दिए हैं. बुलडोजर से गेट के बाहर पड़ा मलबा व मिट्टी हटवाई गई, जिसके बाद अब इस बंद पड़े मंदिर को जल्द ही सामाजिक कार्य के रूप में उपयोग किया जाएगा. इसकी अनुमति मंदिर के वर्तमान स्वामी प्रदीप कुमार जैन ने प्रशासन को दी है. 

हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने किया सहयोग

बता दें कि क्षेत्र में हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते है. 70 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्र में जब जैन मंदिर की साफ-सफाई के लिए टीम पहुंची तो लोगों ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया. सबने मंदिर की जगह को सामाजिक कार्य में उपयोग में लाए जाने का स्वागत किया. 

रतनपुर कला के ग्राम प्रधान नजाकत अली का कहना है कि जैन समाज का ये मंदिर 5 दशक से इसी हालत में है. इस संपत्ति के संरक्षक प्रदीप कुमार जैन के द्वारा इसकी साफ-सफाई और सार्वजनिक प्रयोग के लिए कहा गया था. इसमें लाइब्रेरी या डिस्पेंसरी आदि बनाई जा सकती है. क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को इससे आपत्ति नहीं है. 

Advertisement

एसडीएम बिलारी विनय कुमार ने 'आजतक' से बातचीत करते हुए बताया कि मीडिया से सूचना प्राप्त हुई थी कि यहां पर प्राचीन मंदिर हुआ करता था, लेकिन लगभग 4-5 दशकों से उपयोग न किए जाने के कारण वो खराब हालत में पहुंच गया था. उसमें तमाम प्रकार की गंदगी का अंबार लग गया था. इस पर अतिक्रमण की संभावना भी बनी रहती है. इसलिए जिलाधिकारी महोदय ने टीम भेजकर इस जगह को साफ करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, संपत्ति के वर्तमान मालिक प्रदीप कुमार जैन ने भी इसके प्रयोग की अनुमति दे दी है. पुरानी इमारत है, जितना संरक्षित कर सकते हैं उतना करने की कोशिश करेंगे. 

Live TV

Advertisement
Advertisement