महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे एक दिन के अयोध्या दौरे के लिए यूपी पहुंचे हैं. यहां वो रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे. उनके साथ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद हैं.
शिंदे के दौरे को लेकर राज्य में बयानबाजी खूब हो रही है. अयोध्या के रास्ते में लखनऊ पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था, 'भगवान राम का आशीर्वाद हमारे साथ है और इसलिए हमें धनुष और तीर का प्रतीक मिला है.'
ढोल नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
अयोध्या के राम कथा पार्क में कई शिवसैनिक पहुंचे हैं. बड़ी संख्या में ढोल नगाड़े और सजावट के साथ शिवसैनिकों ने मुख्यमंत्री शिंदे का स्वागत किया. शिवसेना के मंत्री, विधायक और कई सांसद भी अयोध्या पहुंचे हुए हैं.
डिप्टी सीएम ने जताई खुशी
इसके अलावा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी लखनऊ पहुंचने पर अयोध्या दौरे को लेकर खुशी जताई थी. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि मैं भगवान राम से आशीर्वाद लेने अयोध्या जा रहा हूं.'
'राजनीति नहीं आस्था के लिए आए हैं राम मंदिर'
महाराष्ट्र के सीएम की अयोध्या यात्रा को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच उनके बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बयान दिया है. श्रीकांत शिंदे ने कहा, हम राजनीति के लिए नहीं आस्था के लिए राम मंदिर आए हैं. हमें कोई शक्ति प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है. लोग स्वयं स्फूर्ति से हमारे साथ रामलला के दर्शन के लिए जुड़ रहे हैं. कुछ लोगों ने यहां आकर डायलॉगबाजी की थी. उन्होंने, पहले मंदिर फिर सरकार कहा था, लेकिन पहले सरकार बना ली.
संजय राउत ने दिया बयान
इसके बाद शिंदे के इस अयोध्या दौरे को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी बयान दिया है. राउत ने कहा, हम भी भगवान राम को मानते हैं. हम कई बार अयोध्या भी जा चुके हैं. लेकिन बीजेपी कभी हमारी पार्टी के साथ नहीं आई. बाबरी कांड हुआ तो भाग गए. महाराष्ट्र में किसान बारिश और ओलावृष्टि से परेशान हैं लेकिन इन सभी मुद्दों को नजरअंदाज करते हुए राज्य की सरकार अयोध्या चली गई. क्या भगवान राम उन पर कृपा करेंगे? वे हमारी नकल कर रहे हैं. जनता जानती है कौन असली है और कौन नकली.
कुछ ऐसा है शिंदे का शेड्यूल
बता दें कि सीएम शिंदे सुबह 10:45 बजे राम कथा पार्क हैलीपेड पहुंचे. राम कथा पार्क से रैली द्वार होते हुए राम मंदिर दर्शन के लिए वो 11 बजे निकले. इसके बाद सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस साथ दोपहर 12:00 बजे राम लला के दर्शन करेंगे और मंदिर निर्माण कार्य देखेंगे.
इसके बाद सीएम शिंदे 1:45 पर भगवान विष्णु देव की जन्मभूमि दिगंबर जैन मंदिर बड़ी मूर्ति रायगंज में दर्शन करेंगे. फिर दोपहर 2:00 बजे हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन करेंगे और 2:30 होटल पंचशील में पत्रकारों से बातचीत करेंगे. इसके बाद दोपहर 3:30 बजे लक्ष्मण किला में संत महंत का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे. फिर शाम 6:00 बजे सरयू आरती में शामिल होकर लखनऊ के लिए निकलेंगे.
अयोध्या में धनुष बाण की पूजा से शिंदे को फायदा?
एकनाथ शिंदे के अयोध्या दौरे पर सरयू नदी किनारे 'धनुष बाण' के पूजन का कार्यक्रम भी किया जाएगा. बता दें कि 'धनुष बाण' शिंदे की शिवसेना पार्टी का चुनाव चिन्ह है. अब इसी चुनाव चिन्ह को लेकर शिवसेना पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल करने की तैयारी में है. सूत्रों की मानें तो पार्टी की ओर से अयोध्या से पूजन करके लाया गया 'धनुष बाण' पूरे महाराष्ट्र में घुमाने की रणनीति तैयार की जा रही है. इससे अब आम लोगों में यह संकेत जाएगा कि उद्धव ठाकरे नहीं एकनाथ शिंदे हिंदुत्व का नया प्रतीक हैं. चुनाव चिन्ह को लेकर लंबे समय तक दोनों गुटों में तकरार रही थी, जिससे कि आमजन में असली शिवसेना को कन्फ्यूजन पैदा हो गया था. इसके बाद अब 'धनुष बाण' के जरिए शिंदे गुट को BMC चुनाव में फायदा मिल सकता है.
सीएम बनने के बाद पहली अयोध्या यात्रा पर एकनाथ शिंदे
गौरतलब है कि महाराषट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की यह तीसरी अयोध्या यात्रा है. इससे पहले वे शिवसेना नेता के तौर पर 25 नवंबर 2018 को अयोध्या आए थे. इसके बाद मार्च 2022 में भी वो अयोध्या आए थे. इस यात्रा के दौरान आदित्य ठाकरे की यात्रा के इंतजाम की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी. हालांकि तब तक राज्य में उद्धव सरकार चल रही थी. इसी यात्रा के कुछ दिनों बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी से बगावत कर सरकार गिरा दी थी. हालांकि मुख्यमंत्री बनने के बाद एकनाथ शिंदे का यह पहला अयोध्या दौरा है और इस दौरे पर उन्हें भाजपा से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है.
भाजपा ने किया जोरदार स्वागत
एकनाथ शिंदे की इस यात्रा को लेकर भाजपा ने उनका भरपूर सहयोग किया है. बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह ने अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का स्वागत और अभिनंदन किया. बता दें कि भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह वही नेता हैं जिन्होंने एक बार मनसे प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्या में कदम न रखने की चुनौती दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर राज ठाकरे यहां आए तो उन्हें उत्तर भारतीयों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा, जिन्हें कि उन्होंने मुंबई में पीटा था.