एनसीपी प्रमुख शरद पवार का हिंडनबर्ग-अडानी मामले में कांग्रेस के स्टैंड के खिलाफ बयान सामने आने के बाद अब ऐसी अटकलें लगने लगी हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले वह एनडीए में शामिल हो सकते हैं. अब इस सवाल पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने जवाब दिया है.
अयोध्या रामलला के दर्शन करने जा रहे सीएम एकनाथ शिंदे लखनऊ पहुंच चुके हैं. यहां उन्होंने आजतक से शरद पवार के हिंडनबर्ग की रिपोर्ट खारिज करने पर बात की. उन्होंने कहा कि अगर शरद पवार ने कहा है तो कुछ सोच समझकर ही कहा होगा. देखिए मैं कहूंगा कि उद्योग लगना चाहिए. हिंडनबर्ग जैसी एजेंसी सवाल उठाती हैं. किसी ने कुछ कहा और किसी को टारगेट कर दिया, ऐसा नहीं होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट अडानी के मामले की जांच कर रहा है. जांच होनी चाहिए लेकिन किसी के आरोप भर से किसी को टारगेट कर देना, यह हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली बात है. इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का काम हर कोई करता है और हमें आगे बढ़ने के लिए इंडस्ट्री की जरूरत है.
वहीं शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा- देखिए, उनके (शरद पवार) बयान को ऐसे मत जोड़िए. इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकते, बाद में इस बारे में बात की जा सकती है. अभी हम राम मंदिर आए हैं, दर्शन करने अयोध्या आए हैं. रामलला का दर्शन करना है. जैसे बाला साहब का राम मंदिर से जुड़ाव था वैसे ही हमारा है क्योंकि हम उनके कार्यकर्ता हैं.
पूरा हो रहा बाला साहेब सपना
इसके अलावा शिंदे ने राममंदिर पर कहा- मैं पहले कई बार अयोध्या आया लेकिन इस बार मुझे काफी उत्साह दिख रहा है. धनुष-बाण चुनाव चिह्न मिलने के बाद महाराष्ट्र और हमारे समर्थकों में खुशी की लहर है. इस बार आयोध्या जाने की अलग खुशी क्योंकि राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, लाखों-करोड़ों हिंदुत्ववादी लोगों का सपना पूरा हो रहा है. हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब का सपना था कि भव्य और दिव्य राम मंदिर बने. खुशी की बात है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, सीएम योगी का काफी बड़ा सहयोग इस निर्माण में है.
उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
शिंदे ने कहा कि शिवसेना और हिंदुत्व कभी अलग नहीं हो सकता. बाला साहेब के हिंदुत्व के विचारों को हम आगे ले जा रहे हैं. शिवसेना और बीजेपी हिंदुत्व की विचारों वाली पार्टी है. 2019 में हम लोगों ने साथ मिलकर विजय प्राप्त की लेकिन कुछ लोगों ने हिंदुत्व के विरोधियों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी थी, हमने उसको सुधारा है.
शिवसेना के दोनों गुटों के एक होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है. हम हिंदुत्व के विचारों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जो बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा थी. उनके विचारों को तोड़-मरोड़ कर जिन्होंने सरकार बनाई थी, वह नहीं हैं. हम बीजेपी के साथ एक नेचुरल अलायंस में हैं. उन्होंने कहा कि पहले लोगों को हिंदू कहने में भी डर लगता था. 2014 में जब से मोदी सरकार बनी है, तब से हिंदुत्व का मान बढ़ा है.
सावरकर का अपमान, देश का अपमान
महाराष्ट्र के सीएम ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा- वीर सावरकर के अपमान करना मतलब पूरे भारत का अपमान करना, हिंदुत्व का अपमान करना है. उन्होंने कहा कि शिवसेना उद्धव गुट ने कांग्रेस से जाकर सावरकर के मुद्दे पर बात की है लेकिन कथनी और करनी में फर्क होता है. बात करने से कुछ नहीं होता.
उन्होंने कहा कि शिवसेना और बीजेपी सावरकर को लेकर जिस भूमिका में है, अगर हिम्मत है तो वह भी कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरें. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग वीर सावरकर का कभी गुणगान करते थे, वह सरकार में बैठने के बाद चुप हो गए हैं, जब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी वीर सावरकर के खिलाफ अनाप-शनाप बोल रहे थे.