यूपी के बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के बाद जबरदस्त तनाव का माहौल है. इसको लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखकर योगी सरकार की सांप्रदायिक रणनीति का आरोप लगाया और कहा कि हिंसा और हार के डर के चलते हिंसा का सहारा लेना उनकी पुरानी रणनीति है. जनता सब समझ रही है और ये उपचुनाव की दस्तक है.
दरअसल, बहराइच हिंसा पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि चुनाव का आना और सांप्रदायिक माहौल का बिगड़ जाना, ये इत्तफाक नहीं है. जनता सब समझ रही है. हार के डर से हिंसा का सहारा लेना किसकी पुरानी रणनीति है, सब जानते हैं. ये उप चुनाव की दस्तक है. दिखावटी कानून-व्यवस्था की जगह अगर सरकार सच में पुख़्ता इंतजाम करें तो सब सही हो जाएगा. लेकिन ऐसा होगा तब ही जब ये सरकार चाहेगी.
क्या है मामला ?
बता दें कि 13 अक्टूबर की शाम बहराइच के महसी तहसील के हरदी थाना क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे में दुर्गा मूर्ति विसर्जन को लेकर शोभा यात्रा निकाली जा रही थी. यह यात्रा समुदाय विशेष के मोहल्ले से होकर गुजर रही थी. आरोप है कि इसी दौरान डीजे बजाने को लेकर दोनों समुदायों में हिंसक झड़प हो गई. इसी बीच कुछ लोगों ने छतों से पथराव करना शुरू कर दिया और जब इसका विरोध किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी. इसी दौरान गोली रामगोपाल मिश्रा नामक युवक को लग गई.
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए करना पड़ा लाठी चार्ज
इस हिंसक झड़प में करीब 15 लोग घायल हो गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रामगोपाल मिश्रा को मृत घोषित कर दिया. रामगोपाल की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. लोग लाठी-डंडों समेत सड़कों पर उतर आए. उन्होंने दुकान, शोरूम और घरों में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात है. खुद डीएम और एसपी प्रभावित इलाके में दौरा कर रहे हैं.
छह नामजद समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
मूर्ति विसर्जन के दौरान युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. यह एफआईआर महसी थाने में दर्ज हुई है. इसमें अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम, साहिर खान, ननकऊ और मारफ अली समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. इन छह नामजद के अलावा चार लोग अज्ञात हैं. अब तक पुलिस ने इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है.