यूपी के हमीरपुर जिले में 18 साल पूर्व हुए ऑनर किलिंग मामले में सजा का ऐलान हुआ है. 18 साल पहले हुए एक प्रेमी युगल की हत्या में दोषी पाए गए मृतका के दो मामा और तीन चाचाओं को जिला न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है. इस मामले की रिपोर्ट मृतक युवक के भाई की तहरीर पर मृतका के परिजनों के विरुद्ध दर्ज की गई थी.
दरअसल, राठ कोतवाली क्षेत्र के अकौना गांव निवासी महेंद्र ने सात नवंबर 2005 को कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई अरविंद व गांव की विनीता के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था. 30 अक्टूबर 2005 की रात अरविंद और विनीता दोनों घर से फरार हो गए थे. इस घटना के दूसरे दिन विनीता के चाचा भारत लोधी, टीकम, भीकम पुत्रगण नब्बू व जवाहर, दयाराम आदि ने उसके घर पर असलहों के साथ चढ़ाई कर दी थी.
1 नवंबर को उसके रिश्तेदारों ने बस स्टैंड पर बोलेरो गाड़ी में अरविंद व विनीता सहित आठ लोगों को एक साथ देखा था. पूछने पर कोई सही जवाब नहीं दिया और गाड़ी चरखारी रोड की तरफ चली गई. इसके बाद 7 नवंबर 2005 को पता चला कि खरेला थानाक्षेत्र के कंधौली गांव की नहर पुलिया के पास दो कंकाल पड़े हैं.
महेंद्र ने बताया कि उसने कपड़े देखकर दोनों की पहचान अरविंद व विनीता के रूप में की थी. जिसके बाद पुलिस ने इस घटना में मृतका के चाचा भारत, टीकम, भीखम, मामा कंधौली निवासी सोहन व घस्सू तथा गांव के जगदीश व मृतक के मित्र पीयूष सैनी के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था.
गुरुवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि 18 वर्ष पुराने इस मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने करते हुए आरोपित भारत, टीकम, भीखम निवासी अकौना व सोहन व घस्सू निवासी कंधौली को आजीवन कारावास व 26-26 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है. जबकि जगदीश की दौरान मुकदमा सुनवाई मौत हो चुकी है. वहीं, पीयूष सैनी को पुलिस की जांच में क्लीन चिट मिल गई थी.