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उमेश मर्डर: 30 दिन, 2 एनकाउंटर, 5 शूटर्स की तलाश... शाइस्ता को भी नहीं पकड़ पाई पुलिस

उमेश पाल हत्याकांड के महीने भर बाद भी शूटरों का कोई सुराग नहीं मिल रहा. इसके साथ ही हत्याकांड की मुख्य आरोपी शाइस्ता परवीन भी फरार है. इनकी तलाश के लिए पुलिस का दायरा 7 राज्यों तक फैल गया. यूपी पुलिस को शक है कि शूटर्स महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली में से कहीं छिपे हो सकते हैं.

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उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार. वह अतीक अहमद की पत्नी है.
उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार. वह अतीक अहमद की पत्नी है.

प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या के महीने भर बाद भी शूटरों का कोई सुराग नहीं मिल रहा. गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और बेटे असद की तलाश में पुलिस खाक छान रही है. अब दायरा 7 राज्यों तक फैल गया. अब तक साफ नहीं है कि शूटर्स देश में ही हैं या नेपाल भाग गए.

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यूपी पुलिस को शक है कि शूटर्स महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली में से कहीं छिपे हो सकते हैं. पुलिस के मुताबिक, ये लगातार लोकेशन बदल रहे हैं. बातचीत करने के लिए व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं. अतीक अहमद के ड्राइवर कैश अहमद से पूछताछ में भी कई अहम खुलासे हुए हैं. 

शाइस्ता के भरोसेमंद थे सभी शूटर

कैश अहमद ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल सभी शूटर अतीक के साथ-साथ शाइस्ता के भी वफादार और भरोसेमंद थे. शूटर मोहम्मद गुलाम अतीक अहमद के जेल में बंद दोनों बेटों अली और उमर का भरोसेमंद था. अली और उमर के बाद असद से मोहम्मद गुलाम नजदीक हुआ था और शाइस्ता के सामने अली को छोटा भाई बताता था.

शाइस्ता के साथ साए की तरह रहता था अरमान

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अतीक की पत्नी शाइस्ता के कहने पर ही असद और गुलाम एक साथ वारदात के बाद फरार हुए हैं. असद और गुलाम को साथ रहने के लिए शाइस्ता ने ही कहा था. वहीं बाइक सवार शूटर अरमान का वीडियो सामने आने के बाद शाइस्ता की सभी शूटरों से नज़दीकियां उजागर हुई. साबिर की तरह अरमान भी शाइस्ता के साथ साए की तरह साथ रहता था.

30 साल से अतीक का करीबी है बमबाज गुड्डू

बमबाज गुड्डू मुस्लिम करीब 30 साल से अतीक अहमद का सबसे वफादार रहा है. चकिया इलाके में अतीक अहमद ने ही गुड्डू मुस्लिम को सड़क किनारे जमीन कब्जा करवाई थी. इस बीच अतीक अहमद गैंग से मिलीभगत के शक में एक और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर हुआ है. इंस्पेक्टर जुनेद आलम को प्रयागराज से पुलिस अकैडमी मुरादाबाद भेजा गया.

अतीक के करीबी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जारी

इससे पहले धूमनगंज में तैनात अतिरिक्त इंस्पेक्टर वजीउल्ला खान को पीटीसी उन्नाव भेजा गया था. अब तक कुल 9 पुलिसकर्मियों पर पुलिस मुख्यालय स्तर पर ट्रांसफर की कार्रवाई की जा चुकी है. अतीक अहमद गैंग से सांठगांठ कर प्रयागराज में जमे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है. अभी और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी.

शाइस्ता के मकान में शूटरों की मीटिंग

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उमेश पाल हत्याकांड में गिरफ्तार 5 आरोपियों से शुरुआती पूछताछ के बाद शाइस्ता की हत्याकांड में भूमिका पुख्ता हो गई है. चकिया के जिस मकान में शाइस्ता किराए पर रहती थी, उसी मकान की पहली मंजिल पर शूटरों की मीटिंग होती थी. प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने जफर अहमद खान के इसी मकान पर सबसे पहले बुलडोजर चला था. 

असद को शाइस्ता ने दी थी कोल्ट पिस्टल

इसी मकान की पहली मंजिल पर असद के कमरे में गिरफ्तार शजर के i-phone पर facetime से अतीक और अशरफ जुड़ते थे. उमेश पाल हत्याकांड में दो कोशिशें नाकाम होने के बाद मीटिंग के दौरान शाइस्ता ने शूटरों पर नाराजगी जताई थी. रेकी के दौरान उमेश पाल के गनर के पास कार्बाइन होने की सूचना के बाद ही शाइस्ता ने असद को कोल्ट पिस्टल दी थी.

गुड्डू बमबाज को प्लान में किया गया था शामिल

कोल्ट पिस्टल शाइस्ता अपने कब्जे में रखती थी. रेकी के दौरान गिरफ्तार नियाज अहमद ने उमेश पाल के दोनों गनर के पास कार्बाइन होने के साथ-साथ उमेश पाल के पास भी पिस्टल होने की आशंका जताई थी. उमेश की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के हथियारों से लैस होने के चलते शूटरों को कहा था कि जवाबी फायरिंग में घिरने का खतरा है.

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तीन बार कोशिश नाकाम होने के बाद ही गुड्डू मुस्लिम को बमबाजी कर अफरा तफरी करने की जिम्मेदारी दी गई थी. पहली तीन कोशिशों में गुड्डू मुस्लिम शामिल नहीं था. वह बैकअप टीम में था.

 

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