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UP: जीवा हत्याकांड के अनसुलझे वो पांच सवाल जिसका चार्जशीट में भी नहीं मिला जवाब

गैंगस्टर संजीव जीवा हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दिया है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे अनसुलझे सवाल है जिनके जवाब नहीं मिले हैं. लखनऊ में शूटर की मदद किसने की और उसकी हत्या के लिए एडवांस में कितने पैसे दिए गए थे ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब अभी भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है.

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संजीव जीवा हत्याकांड में नहीं मिले कई सवालों के जवाब
संजीव जीवा हत्याकांड में नहीं मिले कई सवालों के जवाब

गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या को करीब तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी भी इस हत्याकांड से जुड़े कुछ सवाल अनसुलझे हुए हैं. 7 जून को लखनऊ कोर्ट में पेशी के दौरान जीवा की हत्या के बाद पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया है लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब ढूंढना अभी बाकी है.

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वो पांच सवाल जिसके नहीं मिले जवाब

जीवा की हत्या को लेकर पहला सवाल ये उठ रहा है कि इस कांड की साजिश में शामिल लखनऊ का वह शख्स कौन है जिसका नाम अभी भी सामने नहीं आया है. गैंगस्टर की हत्या से जुड़ा दूसरा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि उसे मारने वाला शूटर विजय यादव नेपाल में बैठे असलम तक कैसे पहुंचा?, तीसरा सवाल ये है कि 50 लाख की सुपारी के लालच में कितना पैसा एडवांस में दिया गया था.

वहीं इस हत्याकांड से जुड़ा चौथा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि जब बदन सिंह बद्दो ने हत्या करवाई तो शूटर विजय यादव ने मरणासन्न अवस्था में जेल में बंद कैदी आतिफ से जीवा के झगड़े की झूठी कहानी क्यों बताई? वहीं पांचवां सवाल ये उठ रहा है कि जब शूटर विजय यादव पहली बार लखनऊ पहुंचा था तो वह अचानक कैसे भूल भुलैया वाली लखनऊ कोर्ट में जीवा के पास पहुंच गया? इसमें किसने उसकी मदद की.

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ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब पुलिस की जांच में भी सामने नहीं आया है. पुलिस ने जीवा हत्याकांड में जो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है उसके मुताबिक उसकी हत्या 5 लाख रुपये के इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो ने कराई थी और इसकी सुपारी विजय यादव को दी गई थी. पुलिस ने चार्जशीट में ये भी कहा है कि शूटर विजय यादव की मुलाकात नेपाल में असलम के जरिए हुई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक बद्दो और जीवा के बीच उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वसूली के धंधे को लेकर काफी समय से रंजिश चल रही थी. इसके बाद जीवा को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची गई. पुलिस ने इस हत्याकांड में बद्दो के साथ नेपाल के मददगार असलम और लखनऊ के एक मददगार को साजिश रचने का आरोपी बनाया है. 

कोर्ट रूम में जीवा को मारी गई थी गोली

बता दें कि  संजीव जीवा माहेश्वरी ने बदन सिंह बद्दो के द्वारा हत्या किए जाने के डर से ही मुजफ्फरनगर कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराने को लेकर अर्जी दी थी.  7 जून को उसका ये डर सही साबित हुआ. राजधानी लखनऊ में कोर्टरूम के भीतर मुख्तार अंसारी के पुराने करीबी माफिया संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या कर दी गई थी. 

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हमलावर वकील के रूप में कोर्ट रूम में आया था. इस हत्याकांड में लखनऊ पुलिस सिर्फ देखती रह गई थी. इस हत्याकांड की तस्वीरें भी सामने आईं थीं. कोर्ट परिसर में हथियार लेकर हमलावर आए थे, पहले एक गोली मारी, फिर कोर्टरूम में भागे, फिर कोर्टरूम में ही गेट पर जीवा को कई गोली मारी. संजीव जीवा को कुल छह गोलियां लगी थीं.


 

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